Solar Subsidy: किसानों की लग गई लॉटरी! अब सिर्फ एक मिस्ड कॉल पर मिलेगी 75% सोलर सब्सिडी, सरकार का बड़ा फैसला
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य के अन्नदाताओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और अनोखी पहल की शुरुआत की है। अब राज्य के किसानों को अपने खेतों में सोलर पंप लगवाने या उस पर मिलने वाली भारी-भरकम सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में खड़े होने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिजिटल और तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए सरकार ने अब सिर्फ एक मिस्ड कॉल के जरिए सोलर सब्सिडी योजना से जुड़ने की शानदार सुविधा शुरू की है। सरकार का यह नया फैसला न केवल डिजिटल इंडिया के सपने को सच करेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उन किसानों के लिए भी किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा जो इंटरनेट चलाने या ऑनलाइन फॉर्म भरने में परेशानी महसूस करते हैं।
अन्नदाताओं के लिए वरदान बनी नई मिस्ड कॉल सुविधाइस खास योजना का सबसे बड़ा मकसद प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (पीएम कुसुम योजना) को राज्य के हर छोटे-बड़े किसान तक बेहद आसानी से पहुंचाना है। देखा जाए तो पारंपरिक रूप से किसानों को हमेशा से ही डीजल के आसमान छूते दामों और बिजली की आंख-मिचौली के कारण फसलों की सिंचाई करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
लेकिन हरियाणा सरकार की इस नई मिस्ड कॉल पहल की मदद से अब किसान बिना किसी कागजी झंझट और सिरदर्दी के पूरे 75 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी का सीधा लाभ उठा सकते हैं। यह योजना सीधे तौर पर किसानों की खेती की लागत को बहुत कम कर देगी और उनकी आमदनी को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं और इससे होने वाले बड़े लाभइस योजना के तहत किसानों को कई तरह के फायदे एक साथ मिलने जा रहे हैं, जो उनकी खेती का पूरा तरीका ही बदल देंगे।
हाथों-हाथ रजिस्ट्रेशन:
75% की भारी सब्सिडी: इस बेहतरीन योजना के तहत किसानों को सोलर पंप की कुल कीमत का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा ही अपनी जेब से देना होगा, जबकि बाकी का पूरा 75 प्रतिशत खर्च सरकार खुद उठाएगी।
समय और पैसे की बचत: सरकारी दफ्तरों की भाग-दौड़ पूरी तरह खत्म हो जाने से किसानों का कीमती समय तो बचेगा ही, साथ ही बिचौलियों और दलालों पर होने वाला फालतू खर्च भी पूरी तरह रुक जाएगा।
महंगे डीजल से हमेशा के लिए मुक्ति:
खेतों में सोलर पंप लग जाने से दिन-ब-दिन बढ़ रहे डीजल के दामों से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा और इस पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।पर्यावरण को फायदा: सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से प्रदूषण में भारी कमी आएगी और खेतों में ग्राउंड वाटर का संतुलित व सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
अब बिजली दफ्तरों में खुलेगी स्पेशल ‘सोलर विंडो’किसानों की सहूलियत के लिए सरकार ने एक और बड़ा इंतजाम किया है। अब प्रदेश के प्रत्येक बिजली विभाग के उपमण्डल अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय में एक विशेष सोलर डेस्क या सोलर विंडो बनाई जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि आम लोगों और किसानों को सोलर योजनाओं तथा सब्सिडी से जुड़ी तमाम जानकारियां और सुविधाएं एक ही छत के नीचे बेहद आसानी से मिल सकेंगी।
जानिए कैसे काम करती है यह जादुई मिस्ड कॉल सेवा?इस योजना का लाभ उठाने की प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी रखी गई है। सबसे पहले किसान को सरकार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक नंबर 1912 पर अपने मोबाइल से एक मिस्ड कॉल करनी होगी। मिस्ड कॉल जाने के कुछ ही समय बाद बिजली निगम और नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के अधिकारी खुद उस किसान के नंबर पर फोन करेंगे।
इसके बाद वे फोन पर ही किसान का नाम, उनकी जमीन का पूरा डेटा और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी अपने सिस्टम में दर्ज कर लेंगे। अंत में, फोन पर दी गई जानकारी और डेटा सही पाए जाने पर अधिकारी सोलर पंप लगाने और सब्सिडी ट्रांसफर करने की आगे की प्रक्रिया को तुरंत शुरू कर देंगे।