1 June 2026 Rule Changes: बदल रहे हैं UPI, गैस सिलेंडर और बैंकिंग से जुड़े ये 7 जरूरी नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर
मई का महीना अब विदा होने को है और जून की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जिंदगी से जुड़े कई अहम नियम बदलने जा रहे हैं। हर महीने की पहली तारीख को देश में कई बड़े नीतिगत बदलाव होते हैं, जिनका सीधा असर हमारे और आपके बजट पर पड़ता है। इस बार भी 1 जून 2026 से नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), आयकर विभाग, भारतीय रेलवे और सरकारी तेल कंपनियों ने कई नए नियमों की लिस्ट तैयार कर ली है।
असल में सरकार और रेगुलेटरी संस्थाओं का मकसद इन नियमों के जरिए व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। इस बार के बदलावों की फेहरिस्त में UPI पेमेंट सिस्टम से लेकर LPG सिलेंडर के दाम, पैन कार्ड के नियम, एटीएम से पैसे निकालने का चार्ज और यहां तक कि सोलर पैनल पर मिलने वाली सब्सिडी भी शामिल है।
आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि 1 जून से आपकी जेब पर कहां-कहां असर पड़ने वाला है। UPI पेमेंट में बड़ा बदलाव, अब फ्रॉड करना होगा नामुमकिन!डिजिटल इंडिया के इस दौर में शायद ही कोई ऐसा हो जो UPI का इस्तेमाल न करता हो। लेकिन ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी। इसी को ध्यान में रखते हुए NPCI 1 जून से एक बेहद शानदार नियम लागू करने जा रहा है। अब जब भी आप किसी के मोबाइल नंबर, QR कोड या UPI ID पर पैसे ट्रांसफर करेंगे, तो स्क्रीन पर उस व्यक्ति का वही असली नाम दिखाई देगा जो उसके बैंक खाते में दर्ज है।
अक्सर देखा जाता था कि जालसाज फर्जी नाम या किसी फर्जी बिजनेस नेम के जरिए लोगों को चूना लगा देते थे। कई बार जल्दबाजी में गलत अकाउंट में भी पैसे चले जाते थे। लेकिन अब नया नियम लागू होने के बाद आप पैसे भेजने से पहले ही कन्फर्म कर पाएंगे कि रकम सही इंसान के पास जा रही है या नहीं।
LPG सिलेंडर के दाम और FD की ब्याज दरों में फेरबदलहर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी गैस सिलेंडर, सीएनजी और पीएनजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। बताया जा रहा है कि इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते गैस की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
इसके साथ ही, अगर आप बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने की सोच रहे हैं, तो आपके पास बेहद कम समय बचा है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद कई बड़े बैंकों ने अपनी एफडी दरों में बदलाव का फैसला किया है। कई बैंकों की स्पेशल शॉर्ट टर्म एफडी स्कीम्स (जैसे 399 दिन या 444 दिन वाली योजनाएं) 31 मई को खत्म हो रही हैं। 1 जून से बैंक नई दरें लागू करेंगे, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाले कुछ खास फायदों में कटौती की भी आशंका जताई जा रही है।
आयकर विभाग ने इस बार आम जनता को एक बड़ी राहत दी है तो वहीं कुछ मामलों में सख्ती भी दिखाई है। नए नियमों के मुताबिक, अब बैंक में 50,000 रुपये तक की नकदी जमा करने के लिए पैन कार्ड की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटे कारोबारियों और आम जमाकर्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, अगर आप कोई बड़ा लेन-देन करने जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। अब 20 लाख रुपये से ज्यादा की प्रॉपर्टी डील, गिफ्ट डीड या किसी भी बड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में पैन कार्ड देना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है।
दूसरी तरफ, अगले महीने से एटीएम से पैसे निकालना भी आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। कई कमर्शियल बैंक 1 जून से अपने एटीएम ट्रांजैक्शन चार्ज को रिवाइज करने जा रहे हैं। अगर आप महीने की तय मुफ्त लिमिट से ज्यादा बार एटीएम का इस्तेमाल करते हैं, तो अब आपको पहले के मुकाबले अधिक शुल्क देना होगा। राहत की बात यह है कि यह नियम सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक करने जैसी नॉन-फाइनेंशियल सर्विसेज पर भी लागू हो सकता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने बैंक की वेबसाइट या ऐप पर जाकर इसके नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें।
अगर आप जून के महीने में कहीं घूमने या किसी जरूरी काम से सफर करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें। भारतीय रेलवे ने ट्रैक अपग्रेडेशन और मेंटेनेंस के काम की वजह से करीब 77 ट्रेनों को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जबकि कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले का सबसे ज्यादा असर पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।
निश्चित रूप से 1 जून 2026 से होने वाले ये बदलाव सीधे तौर पर हमारे दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले हैं।