ITR फाइल कर रहे हैं? ये 15 गलतियां कर दीं तो सरकारी नोटिस आना पक्का
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना हर कमाई करने वाले नागरिक की जिम्मेदारी है, लेकिन अगर आप इसमें छोटी सी भी गलती कर देते हैं, तो यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। टैक्स विभाग का नोटिस, रिफंड में देरी या फिर तगड़ा जुर्माना—गलत जानकारी देने पर आपको इन मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आज हम आपको उन 15 बड़ी गलतियों के बारे में बता रहे हैं, जो अक्सर लोग अनजाने में कर देते हैं और बाद में पछताते हैं।
इन तकनीकी और बुनियादी गलतियों से बचेंसबसे पहले तो यह समझें कि विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रहा है। यदि आप गलत कटौती (Deduction) या बिना सबूतों वाली छूट (Exemption) का दावा करते हैं, तो नोटिस मिलना तय है। इसके अलावा, सही ITR फॉर्म चुनना सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो ITR-1, लेकिन अगर बिजनेस या प्रोफेशन से आय है तो ITR-3 ही चुनें।
वहीं, कई लोग वित्तीय वर्ष (FY) और असेसमेंट ईयर (AY) के अंतर में गलती कर बैठते हैं। याद रखें, FY 2025-26 के लिए सही असेसमेंट ईयर 2026-27 है। साथ ही, नाम, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक खाता संख्या जैसी बुनियादी जानकारी PAN रिकॉर्ड के हिसाब से ही भरें। अगर आपका रिफंड बैंक खाते में आना है और IFSC कोड गलत है, तो आपका पैसा अटक जाएगा।
आय के स्रोतों को छिपाना पड़ेगा भारीअक्सर लोग सिर्फ अपनी सैलरी की जानकारी देते हैं और बाकी आय के स्रोतों को भूल जाते हैं। आपको अपने सेविंग अकाउंट और FD का ब्याज, किराए से हुई कमाई, डिविडेंड, कैपिटल गेन और अन्य सभी स्रोतों का पूरा ब्यौरा देना होगा। यहां तक कि टैक्स-फ्री आय की जानकारी देना भी अनिवार्य है। अपनी जानकारी को हमेशा सही फॉर्मेट (DD/MM/YYYY) में ही भरें।
मिलान करना है बेहद जरूरीITR भरने से पहले अपना Form 26AS और Form 16 का मिलान करना न भूलें। यदि TDS की जानकारी आपके 26AS में नहीं दिख रही है, तो आपको उसका क्रेडिट नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अपना एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और टैक्सपेयर इंफॉर्मेशन समरी (TIS) जरूर चेक करें, क्योंकि इसमें आपके सभी वित्तीय लेनदेन का कच्चा-चिट्ठा होता है। अगर आपने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो दोनों कंपनियों के Form 16 को जोड़कर ही कुल सैलरी दिखाएं।
कुछ खास नियम जो अक्सर लोग भूल जाते हैंअगर आपने कंपनी में रेंट रिसीट जमा नहीं की है, तो भी आप ITR भरते समय HRA छूट का दावा कर सकते हैं, बस मकान मालिक का पैन नंबर साथ रखें। इसके अलावा, उपलब्ध टैक्स छूटों की सही जानकारी रखें ताकि आप अपना टैक्स बचा सकें। यदि आप पर एडवांस टैक्स लागू होता है, तो उसे समय पर भरें, वरना 1% प्रति माह की दर से ब्याज लग सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात—ITR फाइल करने के बाद उसे 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन (आधार OTP, नेट बैंकिंग आदि से) जरूर करें। अंत में, यदि आपकी सालाना आय 1 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो ‘Schedule AL’ में संपत्तियों का ब्यौरा देना अनिवार्य है। साथ ही, अगर विदेश में आपकी कोई भी संपत्ति या बैंक खाता है, तो उसे ‘Schedule FA’ में घोषित करना न भूलें।