त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही अगर आप भी घर की रसोई और मिठाइयों का बजट तैयार कर रहे हैं, तो चीनी के दामों को लेकर आपके लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। देश भर में चीनी का औसत खुदरा रेट लगातार चौथे दिन भी 60 रुपये प्रति किलो से नीचे बना हुआ है। हालांकि, इस राहत को बहुत बड़ी नहीं कहा जा सकता है, क्योंकि अगस्त महीने के मुकाबले चीनी अभी भी महंगी ही बिक रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को चीनी का औसत खुदरा रेट 59.57 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया, जो इसके पिछले दिन के 58.99 रुपये के मुकाबले थोड़ा सा ज्यादा है।
जानिए कैसे और कब नीचे आए चीनी के दाम
आपको बता दें कि 11 सितंबर को देश में चीनी का औसत खुदरा रेट पहली बार 60 रुपये प्रति किलो से नीचे आया था, जिसके बाद से पिछले कुछ दिनों में कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है। हालांकि, सोमवार का औसत रेट पिछले दिन के मुकाबले थोड़ा सा बढ़ा जरूर है। गौर करने वाली बात यह है कि बीते 21 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा रेट 58.23 रुपये प्रति किलो था, यानी मौजूदा औसत कीमत उस पुराने स्तर से अब भी ऊपर बनी हुई है। ऐसे में त्योहारों के मुहाने पर मिली इस राहत को फिलहाल एक मामूली नरमी ही माना जा रहा है।
देशभर के बाजारों में चीनी की कीमतों में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिल रहा है। सोमवार को इसका न्यूनतम खुदरा रेट 40 रुपये प्रति किलो और अधिकतम 85 रुपये प्रति किलो तक दर्ज किया गया। इसका मतलब साफ है कि औसत कीमत भले ही 60 रुपये के नीचे है, लेकिन देश के कई बाजारों में उपभोक्ताओं को इसके लिए काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। त्योहारी सीजन के दौरान मिठाई और अन्य खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ने से कुछ चुनिंदा इलाकों में चीनी की कीमतों पर ऊपर की तरफ लगातार दबाव बना हुआ है।
राज्यों के हिसाब से कैसी है चीनी की कीमतें?
दक्षिण भारत के राज्यों में चीनी के दाम एक जैसे बिल्कुल नहीं रहे हैं। आंध्र प्रदेश में औसत रेट 21 अगस्त के 49.58 रुपये से बढ़कर सोमवार को 55.56 रुपये प्रति किलो हो गया है। कर्नाटक में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि तमिलनाडु में मामूली सी गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा केरल में भी औसत रेट 21 अगस्त के 56.75 रुपये से बढ़कर सोमवार को 57.80 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ, देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में हालात कुछ अलग नजर आए। महाराष्ट्र में औसत खुदरा रेट 21 अगस्त के 59 रुपये से घटकर सोमवार को 58.22 रुपये प्रति किलो रह गया है।
उत्तर प्रदेश में भी चीनी के दाम में अच्छी खासी नरमी आई है, जहां औसत रेट 59.64 रुपये से घटकर सीधा 57.88 रुपये प्रति किलो पर आ गया। मध्य प्रदेश में कीमतों में गिरावट और भी ज्यादा देखने को मिली, जहां चीनी का औसत रेट 62.36 रुपये से लुढ़ककर 56.57 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। पश्चिम बंगाल में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई और रेट 60.95 रुपये से घटकर 60.43 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ।
सरकार के सख्त कदम और त्योहारों का असर
चीनी की बढ़ती कीमतों को पूरी तरह काबू में रखने के लिए सरकार ने 21 अगस्त को इसके आयात की इजाजत दे दी थी।
इसके साथ ही देश के थोक खरीदारों और बड़े डीलरों के लिए स्टॉक रखने से जुड़े नियमों को भी काफी सख्त कर दिया गया था। सरकार का मुख्य मकसद बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर लगाम कसना है। सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतें बेवजह बढ़ाने का आरोप भी लगाया है और यह साफ किया है कि देश की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। हालांकि, वर्ष 2025-26 के मार्केटिंग ईयर के लिए चीनी उत्पादन के अनुमान को 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है, जबकि देश के भीतर सालाना घरेलू मांग करीब 280 से 285 लाख टन के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।
आने वाले त्योहारों के दिनों में मिठाई, बेकरी और घर में बनने वाले विभिन्न पकवानों की मांग बढ़ने से चीनी की खपत भी तेजी से बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर एक बार फिर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल आम उपभोक्ता के लिए सबसे अच्छी बात यही है कि देश का औसत चीनी रेट लगातार चौथे दिन 60 रुपये प्रति किलो से नीचे बना हुआ है, हालांकि अलग-अलग शहरों और राज्यों में कीमतों का यह बड़ा अंतर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।