1 जुलाई से बंद हो सकती है आपकी गैस रिफिल! जानिए क्यों सरकार छीन रही है पुराना एलपीजी कनेक्शन?
नई दिल्ली: अगर आपके घर में भी इंडेन, भारत गैस या एचपी (HP) गैस का एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल होता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। केंद्र सरकार ने रसोई गैस कनेक्शन को लेकर एक बड़ा और सख्त नियम लागू कर दिया है। सरकार के नए फैसले के मुताबिक, जिन परिवारों ने अपने घरों में पाइप वाली नेचुरल गैस यानी पीएनजी (PNG) का कनेक्शन ले रखा है, उन्हें अब 30 दिनों के भीतर अपना पुराना एलपीजी (LPG) कनेक्शन सरेंडर यानी वापस करना होगा।
सरकार का यह नया नियम देश की तीनों बड़ी सरकारी तेल कंपनियों— इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस के ग्राहकों पर पूरी तरह लागू हो गया है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में दोहरे (डबल) गैस कनेक्शन के खेल को रोकना, एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा सुधार करना और उन ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में सिलेंडरों की सप्लाई को बढ़ाना है जहां अभी तक पाइप वाली गैस की सुविधा नहीं पहुंच पाई है।
मई में जारी हुआ था नया सरकारी आदेश, जानिए क्या है डेडलाइनआपको बता दें कि पिछले मई के महीने में ही सरकार ने इस संबंध में ‘एलपीजी संशोधन आदेश, 2026’ आधिकारिक रूप से जारी किया था।
इन बदले हुए कड़े नियमों के मुताबिक, जैसे ही किसी घर में पीएनजी का नया कनेक्शन चालू होगा, उसके ठीक 30 दिनों के भीतर परिवार को अपना चालू एलपीजी अकाउंट अनिवार्य रूप से बंद कराना होगा।इसे एक आसान उदाहरण से समझें तो अगर किसी परिवार के घर में 1 जून को पीएनजी कनेक्शन चालू हुआ है, तो उन्हें हर हाल में 1 जुलाई तक अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन वापस करना होगा। अगर कोई ग्राहक इस तय समय सीमा यानी डेडलाइन के भीतर अपना कनेक्शन वापस नहीं करता है, तो तेल कंपनियां उसकी एलपीजी रिफिल बुकिंग पर तुरंत रोक लगा देंगी और उसका गैस अकाउंट हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा।
सरकार ने इस कड़े नियम के साथ-साथ उन लोगों को बड़ी राहत भी दी है जो काम-धंधे, नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में अक्सर एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट होते रहते हैं। ऐसे ग्राहकों की सहूलियत के लिए सरकार ने एक खास प्रावधान किया है। जब ये कस्टमर्स अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करेंगे, तो गैस एजेंसी की तरफ से उन्हें एक स्पेशल ‘ट्रांसफर वाउचर’ दिया जाएगा।
इस वाउचर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जब ये लोग किसी नए शहर या इलाके में जाएंगे, तो वहां बिना किसी झंझट के फिर से नया एलपीजी कनेक्शन ले सकेंगे, बशर्ते उस नए इलाके में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध न हो।
इस नए नियम को जमीन पर उतारने के लिए देश की सभी बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई हैं।