केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले या जेब पर डाका? 8वें वेतन आयोग के बाद देना होगा इतना तगड़ा टैक्स
8वें वेतन आयोग का बेसब्री से इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सैलरी में बंपर बढ़ोतरी की उम्मीद के साथ-साथ एक और बेहद जरूरी बात सामने आ रही है। जैसे ही नया वेतन आयोग लागू होगा, कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा और उनकी जेब में पहले से ज्यादा पैसे आएंगे।
इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों को महंगाई और रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों से निश्चित तौर पर बड़ी राहत मिलेगी।
इस पूरे गणित को समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि सैलरी बढ़ने का मतलब यह कतई नहीं है कि देश के हर कर्मचारी का इनकम टैक्स अचानक बढ़ जाएगा।
भारत में इनकम टैक्स का सिस्टम पूरी तरह से प्रोग्रेसिव है, जिसका मतलब है कि जैसे-जैसे आपकी कमाई का दायरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे उस पर लगने वाले टैक्स की दर (Rate) भी बढ़ती जाएगी। अगर 8वें वेतन आयोग के बाद आपकी सैलरी इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि आप सीधे अगले ऊंचे टैक्स स्लैब में पहुंच जाते हैं, तो उस अतिरिक्त कमाई पर आपको निश्चित रूप से ज्यादा दर से टैक्स देना होगा।
मौजूदा वित्त वर्ष के नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) के नियमों के मुताबिक, सालाना कमाई के आधार पर कुल 7 अलग-अलग टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। इसके तहत 4 लाख रुपये तक की सालाना कमाई पर किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ता है, जबकि 24 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई पर 30 फीसदी की अधिकतम दर से टैक्स वसूला जाता है।
इसके अलावा, नौकरीपेशा (Salaried) कर्मचारियों को नए टैक्स रिजीम में 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) का फायदा भी मिलता है।
यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही देश के सभी केंद्रीय कर्मचारियों का इनकम टैक्स बढ़ जाए। इसका असर हर कर्मचारी की व्यक्तिगत सैलरी और सालाना पैकेज के अनुसार अलग-अलग होगा।
उदाहरण के तौर पर, जिन कर्मचारियों की सैलरी में मामूली बढ़ोतरी होगी और उनकी टैक्सेबल इनकम पुराने वाले ही टैक्स स्लैब में बनी रहती है, उनके टैक्स अमाउंट में कोई बहुत बड़ा बदलाव नहीं आएगा। वहीं दूसरी ओर, जिन कर्मचारियों की सैलरी में छप्परफाड़ बढ़ोतरी होगी और उनकी योग्य कमाई अगले स्लैब में कूद जाएगी, उनके ऊपर टैक्स का अतिरिक्त बोझ जरूर बढ़ जाएगा।
इसके अलावा, कर्मचारी कौन-सा टैक्स रिजीम चुनते हैं, इस बात का भी बहुत बड़ा असर पड़ेगा। पुराने टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) में होम लोन के ब्याज, जीवन बीमा, विभिन्न निवेशों और अन्य योग्य कटौतियों (Deductions) का शानदार फायदा मिल जाता है।
आपको बता दें कि 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशें तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए कुल 18 महीने का समय दिया गया है।
हालांकि, अभी फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) और नए सैलरी स्ट्रक्चर जैसी कई बेहद अहम जानकारियां सामने आना बाकी हैं।