लाखों फ़ॉलोअर्स, फिर भी जेब खाली? कमाई का असली खेल छिपा है इन 3 आंकड़ों में
प्रोफाइल पर फ़ॉलोअर्स की गिनती 10 लाख छू गई, घरवालों ने मिठाई बांट दी, लेकिन महीने के अंत में बैंक खाते में इक्का-दुक्का रकम ही आई। यह कहानी आज हजारों छोटे-बड़े क्रिएटर्स की है। असली सवाल यह नहीं है कि social media followers vs income का फासला क्यों है, सवाल यह है कि कमाई आखिर मापी किस आंकड़े से जाती है। फ़ॉलोअर तो सिर्फ दरवाजे पर खड़ी भीड़ है, कमाई तब बनती है जब उस भीड़ में से कोई अंदर आकर कुछ खरीदे या किसी की नजर आप पर टिके।
सबसे पहला असली माप है पहुंच, यानी आपकी पोस्ट असल में कितने लोगों तक पहुंची। 10 लाख फ़ॉलोअर्स वाले खाते की पोस्ट कई बार सिर्फ 20 से 30 हजार लोगों तक ही पहुंचती है, क्योंकि बाकी या तो निष्क्रिय हैं या उन्हें आपकी सामग्री में रुचि ही नहीं बची। दूसरा माप है जुड़ाव — देखे गए लोगों में से कितनों ने प्रतिक्रिया दी, टिप्पणी की या पोस्ट आगे साझा की। यह अनुपात ज्यादा हो तो समझिए दर्शक सिर्फ गुजर नहीं रहे, रुककर जुड़ रहे हैं।
ब्रांड की जेब फ़ॉलोअर्स देखकर नहीं, इन आंकड़ों से खुलती हैकोई भी समझदार ब्रांड या विज्ञापनदाता भुगतान से पहले यही तीन चीजें देखता है — असली पहुंच कितनी है, जुड़ाव का अनुपात क्या है और सबसे ऊपर, देखन�� वालों में से कितने असली ग्राहक बने।
शुरुआत में संख्या बढ़ाने के लिए खरीदे गए या उपहार-योजनाओं से जुटाए गए फ़ॉलोअर्स खाते को भीतर से खोखला कर देते हैं। गिनती बड़ी दिखती है, पर हर माप खाली रहता है, और अनुभवी विज्ञापनदाता यह फर्क एक नजर में पकड़ लेता है।
ये आंकड़े देखने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं है। हर मंच अपने खाते के भीतर ही पहुंच, जुड़ाव और दर्शकों की जानकारी वाला खंड देता है, बस अधिकतर लोग उसे खोलते ही नहीं। महीने में एक बार आधा घंटा निकालकर यही देखें कि कौन सी सामग्री सबसे ज्यादा लोगों तक पहुंची, किस पर सबसे ज्यादा प्रतिक्रियाएं आईं और किससे असली पूछताछ या बिक्री बनी।
तो अगर आपकी भी कमाई संख्या से मेल नहीं खा रही, तो फ़ॉलोअर बढ़ाने की दौड़ थोड़ी देर रोककर अपने पेज के आंकड़े खोलिए। पहुंच का औसत, जुड़ाव का प्रतिशत और पिछले 3 महीनों में आई असली पूछताछ या बिक्री गिनिए। इन्हीं तीन आंकड़ों को सुधारने में समय लगाएंगे तो कमाई अपने आप संख्या के पीछे नहीं, गुणवत्ता के पीछे चलने लगेगी। कमाई के अनुमान के लिए किसी भरोसेमंद डिजिटल सलाहकार या अपने क्षेत्र के अनुभवी कारोबारी से आंकड़े साझा करके सलाह लेना भी सही कदम रहेगा।