ट्रंप का बड़ा धमाका: 'अगर मैं टैरिफ की धमकी न देता तो भारत-पाक में हो जाता परमाणु युद्ध'

Newspoint

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने भारत और पाकिस्तान को लेकर जो दावा किया है, उसने नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने एक बार फिर अपना वही पुराना राग अलापा है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली भीषण जंग को उन्होंने ही रुकवाया था। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह बीच में न आते, तो दोनों परमाणु देशों के बीच महाविनाश तय था।

“मैंने टैरिफ की धमकी दी और वे मान गए”

डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल (2025) की उस स्थिति का जिक्र किया जब पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’

Hero Image
चलाकर पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। ट्रंप का कहना है कि उस समय हालात इतने बिगड़ गए थे कि परमाणु युद्ध का खतरा मंडराने लगा था। ट्रंप ने दावा किया, “मैंने टैरिफ (व्यापारिक प्रतिबंधों) का इस्तेमाल करके इसे सुलझाया। मैंने दोनों देशों से साफ कह दिया था कि अगर तुमने लड़ना बंद नहीं किया, तो मैं तुम पर भारी टैरिफ लगा दूंगा और तुम अमेरिका के साथ कोई व्यापार नहीं कर पाओगे।”

ट्रंप ने आगे कहा कि वह अब तक दुनिया के 8 बड़े युद्ध रुकवा चुके हैं और इसके लिए कई देशों ने उन्हें ‘थैंक्यू लेटर’ भी भेजे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा था कि ट्रंप की वजह से 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बच गई।

पाकिस्तान ने भरी हामी, भारत का इनकार

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के इन दावों को पाकिस्तान का समर्थन मिला है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप को शुक्रिया भी अदा किया है। हालांकि, भारत ने शुरू से ही इन दावों को सिरे से खारिज किया है। भारत का रुख हमेशा साफ रहा है कि पाकिस्तान के साथ उसका कोई भी विवाद द्विपक्षीय है और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई जरूरत नहीं है।

भारत का पलटवार: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पाकिस्तान की गिड़गिड़ाहट

भारतीय रक्षा मंत्रालय और सरकार के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम किसी विदेशी दबाव में नहीं, बल्कि भारत की सैन्य श्रेष्ठता की वजह से हुआ था। ऑपरेशन सिंदूर

के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था और उनके एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह कर दिया था।

संसद में भी यह दोहराया गया कि 4 दिनों तक भारतीय प्रहार झेलने के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और उसने खुद युद्धविराम की गुहार लगाई थी। 10 मई को लागू हुआ सीजफायर दोनों देशों के DGMO (Director General of Military Operations) के बीच हुई सीधी बातचीत का नतीजा था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि भारत ने अपने नियमों पर ऑपरेशन रोका था और वह किसी भी लंबी जंग के लिए तैयार था।