बची हुई छुट्टियों का पैसा रिटायरमेंट पर कैसे मिलेगा? जानें कितने दिन तक का भुगतान है संभव
पूरी नौकरी के दौरान बहुत से सरकारी कर्मचारी जरूरत न पड़ने पर छुट्टियां बचाकर रखते हैं और कई बार रिटायरमेंट तक सैकड़ों दिन की अर्जित छुट्टी खाते में जमा हो जाती है। सवाल यह है कि क्या इन बची हुई छुट्टियों का पैसा रिटायरमेंट पर मिलता है? जवाब है, हां मिलता है, इसे ही छुट्टी का नकदीकरण यानी लीव इनकैशमेंट कहते हैं। लेकिन इसकी एक तय सीमा होती है और हर तरह की छुट्टी का पैसा नहीं मिलता।
रिटायरमेंट पर नकदीकरण मुख्य रूप से अर्जित अवकाश यानी अर्न्ड लीव पर मिलता है। आमतौर पर चर्चा में आने वाली सामान्य सीमा अधिकतम 300 दिन तक की होती है, यानी खाते में इससे ज्यादा छुट्टी जमा हो तो भी भुगतान तय सीमा तक के दिनों का ही होता है।
छुट्टी नकदीकरण की रकम आमतौर पर रिटायरमेंट के अंतिम निपटारे के साथ ही स्वीकृत होती है और पेंशन कागजों की प्रक्रिया के साथ इसका आदेश भी जारी होता है। कर्मचारी को अलग से लंबी दौड़ नहीं लगानी पड़ती, बशर्ते सेवा पुस्तिका में छुट्टी खाता सही और अद्यतन हो। सरकारी कर्मचारियों के मामले में सेवाकाल के दौरान या रिटायरमेंट पर मिलने वाली इस रकम पर कर के विशेष प्रावधान लागू होते हैं, फिर भी ताजा कर नियम अपने कार्यालय या कर सलाहकार से जांच लेना बेहतर रहता है।
सबसे जरूरी काम है छुट्टी खाते की जांच। सेवा पुस्तिका में हर साल की छुट्टियों का हिसाब दर्ज होता है, उसमें कटौती या जमा में कोई गलती दिखे तो रिटायरमेंट से पहले ही सुधरवा लें, बाद में सुधार मुश्किल हो जाता है। दूसरा, यदि खाते में सीमा से ज्यादा छुट्टी जमा है तो अंतिम वर्षों में योजना बनाकर कुछ छुट्टियों का उपयोग कर लेना भी एक विकल्प हो सकता है, क्योंकि सीमा से ऊपर के दिन अपने आप समाप्त हो जाते हैं।