घर में रखा है कैश या सोना? नहीं दी जानकारी तो लगेगा तगड़ा जुर्माना

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अगर आपने भी अपने घर में भारी मात्रा में कैश, सोना, ज्वेलरी या फिर किसी भी तरह का निवेश रखा हुआ है और उसकी जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में अभी तक नहीं दी है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। यदि आपके पास मौजूद इस संपत्ति की कमाई के स्रोत (Source) का कोई वैध कानूनी सबूत नहीं मिलता है, तो आपको थोड़ा सावधान होने की जरूरत है। आयकर विभाग ऐसे मामलों को सीधे ‘अघोषित आय’ (Unaccounted Income) मान लेता है और इस पर 78 प्रतिशत से लेकर 86 प्रतिशत तक का भारी-भरकम टैक्स और पेनाल्टी वसूल करता है।

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यहां समझें टैक्स और पेनाल्टी का पूरा गणित

दरअसल, आयकर अधिनियम की धारा 115BBE के तहत अघोषित संपत्ति या बिना हिसाब-किताब वाले कैश पर बेहद कड़े वित्तीय दंड का प्रावधान किया गया है। जब भी किसी नागरिक के पास ऐसी अघोषित आय पकड़ी जाती है, तो सबसे पहले उस पर सीधे 60 प्रतिशत की दर से टैक्स लगाया जाता है। खेल यहीं खत्म नहीं होता, इस टैक्स के ऊपर 25 प्रतिशत का भारी सरचार्ज और 4 प्रतिशत का सेस भी जोड़ा जाता है। इन सबको मिलाकर कुल टैक्स लायबिलिटी (Tax Liability) सीधे 78 प्रतिशत तक पहुंच जाती है।

इसके अलावा, अगर आप जांच के दौरान अपनी इस कमाई का सही जरिया या स्रोत बताने में पूरी तरह से असमर्थ रहते हैं, तो आयकर विभाग धारा 271AAC के तहत 10 प्रतिशत की अतिरिक्त पेनाल्टी भी ठोक देता है। इस तरह कुल मिलाकर सरकार द्वारा की जाने वाली यह वसूली लगभग 86 प्रतिशत तक पहुंच जाती है, जिससे आपकी गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा जुर्माने में चला जाता है।

जानिए घर में कैश और सोना रखने के क्या हैं कानूनी नियम

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर घर में कितना कैश या सोना रखना कानूनी है। आपको बता दें कि कानूनन घर में कैश रखने की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है, बशर्ते वह पैसा आपकी वैध और टैक्स-पेड आय का हिस्सा होना चाहिए।

साथ ही उस पैसे का पूरा हिसाब-किताब आपके अकाउंट बुक्स में दर्ज होना जरूरी है।

वहीं अगर बात करें सोने और ज्वेलरी की, तो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को देखते हुए कानून में बिना स्रोत बताए भी एक निश्चित मात्रा में सोना रखने की विशेष अनुमति दी गई है। सरकारी नियमों के मुताबिक, एक शादीशुदा महिला अपने पास 500 ग्राम तक और एक अविवाहित महिला 250 ग्राम तक सोने के आभूषण बिना किसी आय प्रमाण के अपने घर में रख सकती है। इसके अलावा परिवार के पुरुष सदस्यों के लिए भी 100 ग्राम तक सोना रखने की छूट है।

अगर आपकी ज्वेलरी इस तय सीमा के अंदर है, तो आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान भी इसे कभी जब्त नहीं किया जा सकेगा।

भारी जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई से बचने का यह है आसान रास्ता

अगर आप किसी भी वजह से टैक्स चोरी के जाल में फंस गए हैं या अपनी संपत्ति की जानकारी देना भूल गए हैं, तो भारत सरकार ने इससे बचने के लिए ‘Updated ITR’ भरने का एक बेहतरीन विकल्प भी दिया है। यदि किसी नागरिक को आयकर विभाग की तरफ से रीअसेसमेंट नोटिस (Reassessment Notice) मिल जाता है, और वह उसके बाद भी अपनी सही और वास्तविक आय घोषित कर देता है, तो वह सरकार की तरफ से होने वाली बड़ी दंडात्मक कार्रवाई और भारी अदालती चक्करों से बेहद आसानी से बच सकता है।

इसलिए समय रहते अपनी संपत्ति का सही ब्योरा देना ही समझदारी है।