EPF का पैसा निकाला तो पछताएंगे: जानिए क्यों रिटायरमेंट फंड को छूना है सबसे बड़ा वित्तीय पाप
अपना खुद का आलीशान घर खरीदना हर आम इंसान का सबसे बड़ा सपना होता है। इस सपने को सच करने के लिए लोग अपनी सालों की जमा-पूंजी और हर मुमकिन निवेश का सहारा लेते हैं। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के खाते में जमा भारी-भरकम फंड को देखकर अक्सर नौकरीपेशा लोगों के मन में यह लालच आ जाता है कि क्यों न होम लोन का बोझ कम करने या डाउन पेमेंट चुकाने के लिए पीएफ (PF) से ही पैसे निकाल लिए जाएं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) घर खरीदने के लिए आंशिक निकासी यानी पार्शियल विथड्रॉल की अनुमति देता भी है। लेकिन क्या ऐसा करना वाकई में एक समझदारी भरा वित्तीय कदम है? देश के जाने-माने फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स की मानें तो ऐसा करने से पहले आपको कम से कम दो बार नहीं बल्कि सौ बार जरूर सोचना चाहिए। आइए बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं कि घर खरीदने के लिए अपने EPF कॉर्पस को छूना आपके सुरक्षित भविष्य के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है और इसके क्या बेहतर विकल्प मौजूद हैं।
क्या हैं EPFO के घर खरीदने वाले नियम?EPFO के मौजूदा नियमों के मुताबिक, यदि किसी कर्मचारी ने अपनी नौकरी के 5 साल लगातार पूरे कर लिए हैं, तो वह नीचे दी गई खास स्थितियों में अपने EPF खाते से पैसे निकाल सकता है:
- जमीन खरीदने के लिए: अधिकतम 24 महीने का बेसिक वेतन और महंगाई भत्ता (DA) मिल सकता है।
- बना-बनाया घर या फ्लैट खरीदने के लिए: अधिकतम 36 महीने का बेसिक वेतन और DA निकाला जा सकता है।
- हाउसिंग सोसाइटी के माध्यम से घर लेने पर: कुल जमा कॉर्पस का 90 फीसदी तक हिस्सा निकाला जा सकता है।
कागजी तौर पर यह नियम दिखने में बहुत ज्यादा सुविधाजनक और आकर्षक लगता है, लेकिन अगर आप इसे एक सही वित्तीय योजना के नजरिए से देखें, तो यह भविष्य में बहुत बड़ा जोखिम साबित हो सकता है।