8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की लग गई लॉटरी! सरकार ने लिया ऐसा फैसला, झूम उठेंगे आप
5 जून: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों (Central Government Employees and Pensioners) के लिए आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ा एक बेहद जरूरी और बड़ा अपडेट सामने आया है. अगर आप भी सैलरी और पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, तो यह खबर सीधे आपके काम की है.
दरअसल, आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) ने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संगठनों और स्टेकहोल्डर्स के लिए अपने सुझाव, आपत्तियां और वेतन-पेंशन से जुड़ी मांगों को सौंपने की समय सीमा को एक बार फिर आगे बढ़ा दिया है. आयोग की तरफ से दी गई यह दूसरी बड़ी राहत है. इस फैसले के बाद अब कर्मचारी संगठनों को पैनल के सामने अपनी मांगों को और भी बेहतर तथा तार्किक ढंग से रखने के लिए अच्छा-खासा अतिरिक्त समय मिल गया है.
अब 15 जून तक का मौका, लेकिन भूलकर भी न करें ये गलती!आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आधिकारिक सर्कुलर के मुताबिक, आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी मांगें और ज्ञापन सौंपने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर अब 15 जून 2026
इसके साथ ही आयोग ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए एक सख्त गाइडलाइन भी जारी की है. नए नियमों के तहत अब सभी प्रकार के ज्ञापन और मांग पत्र सिर्फ आयोग के ऑफिशियल वेब पोर्टल 8cpc.gov.in
के जरिए ही ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे. आयोग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर किसी संगठन या व्यक्ति ने हार्ड कॉपी (कागजात), ईमेल, डाक या पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में अपनी मांगें भेजीं, तो उस पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया जाएगा. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले इस आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई 2026 किया गया था, जिसे अब दोबारा बढ़ा दिया गया है.देशभर में बैठकों का दौर, जमीनी हकीकत जानने में जुटा आयोगसमय सीमा बढ़ाने के साथ ही वेतन आयोग ने अपने काम की रफ्तार को टॉप गियर में डाल दिया है. आयोग अब अपने काम के सबसे एक्टिव फेज में पहुंच चुका है. इसके तहत पैनल की टीमें देश के अलग-अलग कोनों और राज्यों में जाकर स्थानीय कर्मचारी संगठनों, श्रमिक संघों, रेलवे व डिफेंस सेक्टर के प्रतिनिधियों और रिटायर्ड कर्मचारी एसोसिएशनों के साथ आमने-सामने बैठकर बातचीत कर रही हैं.
अब तक अलग-अलग लेवल पर कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें पूरी हो चुकी हैं, जबकि रीजनल लेवल पर इन मुलाकातों का सिलसिला लगातार जारी है. इन बैठकों का सीधा मकसद आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी (Basic Pay), पेंशन सुरक्षा, तरह-तरह के भत्तों (Allowances), रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले फायदों और सर्विस से जुड़े नियमों में होने वाले बदलावों पर जमीनी स्तर से सीधा फीडबैक लेना है.
सैलरी ही नहीं, बुढ़ापे की लाठी पर है असली फोकसआज के समय में आठवें वेतन आयोग की यह पूरी कवायद सिर्फ आने वाले दिनों में होने वाली सैलरी बढ़ोतरी तक ही सीमित नहीं है. इस समय कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स के बीच सबसे बड़ी चर्चा बुढ़ापे की लाठी यानी उनकी पेंशन, रिटायरमेंट सिक्योरिटी और सोशल सिक्योरिटी को लेकर हो रही है. कर्मचारी संघ लगातार सरकार से मांग कर रहे हैं कि बढ़ती महंगाई और महंगे होते जीवनस्तर को देखते हुए एक न्यायसंगत फिटमेंट फैक्टर तय किया जाए और कर्मचारियों को एक सुरक्षित भविष्य दिया जाए.