एनआरआई की लग गई लॉटरी! SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा ने ब्याज दरों में की छप्परफाड़ बढ़ोतरी, अब डॉलर पर मिलेगा 6% तक रिटर्न
FCNR Deposit Rate Hike 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक बड़े फैसले का असर अब देश के सरकारी बैंकों पर साफ दिखने लगा है। देश में विदेशी मुद्रा का भंडार बढ़ाने के लिए आरबीआई ने जो प्रोत्साहन दिया था, उसके बाद अब देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने अपने एनआरआई (NRI) ग्राहकों को बहुत बड़ा तोहफा दे दिया है। इन दोनों दिग्गज बैंकों ने अपनी एफसीएनआर यानी फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR-B) डिपॉजिट स्कीम पर मिलने वाले ब्याज में भारी बढ़ोतरी कर दी है।
नई ब्याज दरों के लागू होने के बाद अब एनआरआई (NRI) लोग अमेरिकी डॉलर (USD) में एफसीएनआर डिपॉजिट पर पूरे 6 फीसदी तक का सालाना रिटर्न हासिल कर सकते हैं। आपको बता दें कि पहले यह ब्याज दर महज 3.35 फीसदी के आसपास हुआ करती थी, यानी बैंकों ने इसमें सीधे 2.65 फीसदी तक की भारी-भरकम बढ़ोतरी कर दी है। वैसे एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा से पहले निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक, यस बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक भी अपने यहां एफसीएनआर डिपॉजिट पर ब्याज दरों को बढ़ा चुके हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लाया नई ‘एसबीआई एफसीएनआर एडवांटेज स्कीम’देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने एनआरआई ग्राहकों को लुभाने के लिए एक खास ‘FCNR(B) एडवांटेज डिपॉजिट स्कीम’ को बाजार में उतारा है। इस नई स्कीम के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक 10 लाख डॉलर (1 मिलियन यूएसडी) तक की रकम बैंक में जमा करता है, तो उसे 3 साल से लेकर 4 साल से कम की अवधि के लिए 5.25 फीसदी का ब्याज मिलेगा। वहीं, 4 साल से लेकर 5 साल से कम की अवधि की जमा पर 5.50 फीसदी और पूरे 5 साल की अवधि के लिए 5.75 फीसदी का दमदार ब्याज दिया जाएगा।
इसके अलावा, जो एनआरआई 10 लाख डॉलर से ज्यादा की मोटी रकम जमा करेंगे, उन्हें 5 साल की अवधि पर अधिकतम 6 फीसदी तक का शानदार रिटर्न मिल सकेगा।बैंक ऑफ बड़ौदा ने डॉलर के साथ पाउंड और यूरो पर भी ब्याज बढ़ायाएसबीआई की तरह बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने भी अपने एनआरआई ग्राहकों के लिए तिजोरी का रास्ता खोल दिया है। बैंक ने अमेरिकी डॉलर (USD) के साथ-साथ ब्रिटिश पाउंड (GBP), यूरो (EUR), ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) और कनाडाई डॉलर (CAD) जैसी दुनिया की तमाम प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर मिलने वाली FCNR(B) की ब्याज दरों में बड़ा बदलाव किया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बीना वाहीद का कहना है कि आरबीआई (RBI) के हालिया फैसलों की वजह से अब भारतीय बैंकों के लिए एनआरआई ग्राहकों से विदेशी मुद्रा जुटाना काफी आसान हो गया है। इससे न सिर्फ बैंकों में एफसीएनआर डिपॉजिट की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय रुपये को भी अच्छी मजबूती मिलेगी।
अगर आप भी एसबीआई की इस नई FCNR(B) एडवांटेज स्कीम में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो इसके प्री-मैच्योर विड्रॉल यानी समय से पहले पैसा निकालने के नियमों को ध्यान से समझ लें।