पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से मिलेगी राहत! सरकार देने जा रही है घर बैठे काम और नकद इनाम का तोहफा

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Fuel Saving New Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने की अपील का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में ऊर्जा मंत्रालय ने अपने कर्मचारियों के लिए कुछ ऐसी क्रांतिकारी योजनाओं का ऐलान किया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस नई पहल में न केवल कर्मचारियों को घर से काम (Work From Home) करने की आजादी मिलेगी, बल्कि कम गाड़ी चलाने पर नकद इनाम भी दिया जाएगा।

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मंत्री जी ने पेश की सादगी की मिसाल: अब ट्रेन और मेट्रो से होगा सफर

बचत की इस मुहिम की शुरुआत खुद केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने अपने व्यवहार से की है। उन्होंने अपने वीआईपी कल्चर और आधिकारिक काफिले में भारी कटौती करते हुए अब केवल दो गाड़ियां ही साथ रखने का फैसला किया है। पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने के बजाय पुरानी उपलब्ध इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ही इस्तेमाल करने और दिल्ली से बाहर की यात्राएं ट्रेन से करने का संकल्प लिया है।

हफ्ते में 20% कर्मचारी करेंगे ‘वर्क फ्रॉम होम’

मंत्रालय ने ईंधन की खपत कम करने के लिए एक नया रोस्टर सिस्टम तैयार किया है जो आने वाले सोमवार से लागू होने जा रहा है। इस नियम के मुताबिक, मंत्रालय के 20 प्रतिशत कर्मचारी हर दिन रोटेशन के आधार पर ‘घर से काम’ (WFH) करेंगे। हालांकि, यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए नहीं होगी जिन्हें साइट पर मौजूद रहना अनिवार्य है। इसके साथ ही सरकारी कंपनियों के अधिकारियों को भी निजी गाड़ियों के बजाय मेट्रो से सफर करने की सलाह दी गई है।

माइलोमीटर की फोटो दिखाएगी ‘कमाल’, मिलेगा ₹2500 तक का इनाम

कर्मचारियों को कार कम चलाने के लिए प्रेरित करने के लिए मंत्रालय ने एक बेहद दिलचस्प और अनोखी स्कीम शुरू की है। इसके तहत कर्मचारियों को अपनी कार का विवरण एक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करना होगा। महीने की शुरुआत और आखिर में उन्हें अपनी कार के ‘माइलोमीटर’ की रीडिंग की फोटो अपलोड करनी होगी। जिसकी कार पूरे महीने में सबसे कम चली होगी, उस कर्मचारी को 500 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा।

विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना है असली मकसद

ऊर्जा मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इन कदमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के प्रति जागरूक करना है।

सरकार का मानना है कि वर्तमान वैश्विक हालातों में ईंधन की खपत घटाना देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए बेहद जरूरी है। सरकार की इस पहल से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि देश के खजाने पर पड़ने वाला बोझ भी कम होगा।