केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा रिकॉर्ड उछाल: जानिए 8वें वेतन आयोग की 5 सबसे बड़ी मांगें

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8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बेंगलुरु में हुई एक अहम बैठक के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। गुरुवार को आयोजित इस बैठक में कर्नाटक के कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट पेंशनर्स एसोसिएशन, कर्नाटक पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस पेंशनर्स एसोसिएशन, कर्नाटक इनकम टैक्स पेंशनर्स एसोसिएशन और कर्नाटक सेंट्रल गवर्नमेंट पेंशनर्स के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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इस दौरान पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पोस्ट रिस्ट्रक्चरिंग जैसे कई गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पेंशनर्स संगठनों ने सरकार के सामने न्यूनतम बेसिक पे को सीधे 69,000 रुपये करने की बड़ी मांग रख दी है।

3.833 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड से कितना फायदा?

बैठक के दौरान कर्नाटक पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस पेंशनर्स एसोसिएशन ने आयोग के सामने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की जोरदार पैरवी की। इस संगठन का कहना है कि न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये होनी चाहिए। आपको बता दें कि नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (स्टाफ साइड) ने भी यही मांग उठाई है।

तुलना के तौर पर देखें तो 7वें वेतन आयोग में फिलहाल न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये है। अगर 3.833 के इस फिटमेंट फैक्टर को मान लिया जाता है, तो इसके हिसाब से न्यूनतम पेंशन भी बढ़कर 34,470 रुपये हो जाएगी।

पे स्केल का मर्जर और लेवल घटाने की सिफारिश

पेंशनर्स से जुड़ी इन संस्थाओं ने 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों के पे-लेवल को आपस में मर्ज करने की भी मांग की है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग की व्यवस्था के तहत कुल 18 लेवल बने हुए हैं, जिनके आधार पर कर्मचारियों की सैलरी और भत्ते तय किए जाते हैं।

संगठनों का मानना है कि इन लेवल्स का विलय होने से सैलरी स्ट्रक्चर में पारदर्शिता और सुधार आएगा।

फैमिली यूनिट को बढ़ाकर 5 करने का प्रस्ताव

बेंगलुरु की इस बैठक में आयोग के सामने फैमिली यूनिट का दायरा बढ़ाने का भी अहम मुद्दा रखा गया। फिलहाल न्यूनतम वेतन तय करने के लिए फैमिली यूनिट 3 मानी जाती है। संगठनों ने आयोग को सुझाव दिया है कि कर्मचारी और उनकी पत्नी को 1-1 यूनिट माना जाए, जबकि दो बच्चों और माता-पिता को 0.8 यूनिट का वेटेज दिया जाए। इस गणित से कुल 5.2 यूनिट बनता है, जिसे राउंड ऑफ करके 5 यूनिट तय करने की अपील की गई है।

सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

कर्मचारियों के हित में आवाज उठाते हुए इन पेंशनर्स बॉडीज ने सालाना इंक्रीमेंट (Annual Increment) की दर को भी दोगुना करने की मांग की है। उनका कहना है कि वर्तमान में मिलने वाला 3 प्रतिशत का सालाना इंक्रीमेंट बढ़ती महंगाई के दौर में बिल्कुल भी पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाना चाहिए।