मोदी सरकार का आज से बड़ा एक्शन, देश भर में बदल गए ये 3 नियम

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आज से नए महीने यानी जून 2026 की शुरुआत हो चुकी है। महीने की पहली तारीख के साथ ही देश में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए इन नए नियमों का सीधा असर आम जनता की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है। ऐसे में आपके लिए इन बदलावों को समय रहते जान लेना बेहद जरूरी है, ताकि आपको भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी या आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।

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पीएनजी इस्तेमाल करने वालों का एलपीजी सिलेंडर होगा बंद?

एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने एक बेहद सख्त और नया प्रावधान लागू कर दिया है। अब ऐसे परिवार जिनके घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन भी है और वे एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की सुविधा का भी लाभ उठा रहे हैं, उन्हें नए नियमों के दायरे में आना होगा। सरकार ने ऐसे दोहरे कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अगर आप निर्धारित शर्तों और नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो आपका एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए ब्लॉक, निष्क्रिय या रद्द किया जा सकता है।

पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन पर लगा भारी टैक्स

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात (Export) को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया है। अब देश से बाहर पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन (ATF) भेजने पर कंपनियों को अतिरिक्त एक्सपोर्ट ड्यूटी यानी निर्यात शुल्क चुकाना होगा। नए नियमों के तहत अब पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर भारी-भरकम 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का नया निर्यात शुल्क लगा दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से विदेशी बाजार में तेल भेजने पर लगाम लगेगी और हमारे अपने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बेहतर बनी रहेगी।

सोलर पैनल लगवाने वालों को झटका, महंगे हो सकते हैं उपकरण

देशभर में रिन्यूएबल एनर्जी यानी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए ALMM List-II को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इस नए नियम के आने के बाद अब किसी भी सरकारी योजना या सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल वही सोलर मॉड्यूल और सेल इस्तेमाल किए जा सकेंगे, जो सरकार द्वारा स्वीकृत और प्रमाणित होंगे। सरकार का मकसद इसके जरिए सोलर पैनलों की क्वालिटी और मजबूती को सुनिश्चित करना है। हालांकि, इस फैसले के बाद उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि नए कड़े नियमों की वजह से आने वाले दिनों में सोलर उपकरणों की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।