“मुझे धोखेबाज कहना बंद करो” लंदन से बोले विजय माल्या, भारत सरकार से पूछा- कब मिलेगा मेरा रिफंड?
लंदन में रह रहे शराब कारोबारी विजय माल्या एक बार फिर अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार कई पोस्ट शेयर कर खुद को भगोड़ा कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। माल्या का दावा है कि वह ब्रिटेन के स्थायी नागरिक हैं और फिलहाल वहां की कानूनी बंदिशों के कारण देश नहीं छोड़ सकते।
गौरतलब है कि विजय माल्या पर भारतीय बैंकों का करीब 9,900 करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने का गंभीर आरोप है। इसमें सबसे बड़ी देनदारी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की है। माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर विदेश चले गए थे, जिसके बाद से ही भारत सरकार उन्हें वापस लाने की कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
भगोड़ा कहने पर माल्या ने जताई सख्त आपत्ति
सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकालते हुए विजय माल्या ने लिखा, “जो लोग मुझे भारत आने से इनकार करने वाला भगोड़ा कहते हैं, उन्हें मैं बता दूं कि मैं 1992 से ही यूनाइटेड किंगडम (UK) का परमानेंट रेसिडेंट (स्थायी निवासी) हूं। फिलहाल कानूनी तौर पर मुझे इस देश से बाहर जाने की मनाही है।” माल्या ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब भारत सरकार की उस हरकत का नतीजा है, जिसने उन्हें ‘पोस्टर बॉय’ बनाकर उनके मामले में बेहद अन्यायपूर्ण रवैया अपनाया है।
‘ED ने मेरी संपत्ति जब्त की, इसलिए नहीं दे पाया पैसे’
अपने बचाव में माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) का जिक्र करते हुए लिखा कि जो लोग उन पर शक करते हैं, वे खुद इस बात की पड़ताल कर लें कि ईडी ने उनके अटैच (जब्त) किए गए फंड से किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों को बकाया देने के लिए 350 करोड़ रुपये से ज्यादा जारी किए थे। माल्या ने दलील दी कि वह खुद कर्मचारियों का भुगतान इसलिए नहीं कर पाए थे क्योंकि ईडी ने उनकी संपत्ति और बैंक खातों को पूरी तरह से सीज कर दिया था।
कब मिलेगा मेरा रिफंड? माल्या ने दागे तीखे सवाल
निष्पक्षता और न्याय का हवाला देते हुए माल्या ने आगे लिखा, “जो लोग सही हिसाब-किताब और न्याय में भरोसा रखते हैं, उन्हें स्थिति समझनी चाहिए। क्या मैं वास्तव में उस बर्ताव का हकदार हूं जो मीडिया मेरे साथ करता है? जहां किसी भी पत्रकार की रिपोर्टिंग की शुरुआत ही मुझे धोखेबाज बोलकर होती है। इसके बजाय लोग यह क्यों नहीं पूछते कि मुझे मेरा रिफन्द कब मिलेगा?”
आपको बता दें कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने विजय माल्या के खिलाफ लोन धोखाधड़ी का आपराधिक मामला दर्ज किया था, जिसके तुरंत बाद वह लंदन भाग गए थे। इसके बाद ईडी ने माल्या और किंगफिशर एयरलाइंस के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। कानूनी प्रक्रियाओं के बाद जनवरी 2019 में भारतीय अदालत ने विजय माल्या को औपचारिक रूप से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया था।