8वें वेतन आयोग का धमाका: 1800 ग्रेड-पे वालों की नई सैलरी का पूरा गणित यहाँ देखें

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केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्साह का माहौल है। सबसे ज्यादा चर्चा ‘पे लेवल-1’ यानी 1800 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों की नई सैलरी को लेकर है। हर कोई यह जानना चाहता है कि नई वेतन संरचना के बाद उनके खाते में कितनी बड़ी रकम आएगी। हालांकि सरकार ने अभी ‘फिटमेंट फैक्टर’ को लेकर आधिकारिक तौर पर पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन जो कयास लगाए जा रहे हैं, वे कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए काफी हैं।

अभी कितनी है सैलरी और कैसे बढ़ेगी?

फिलहाल 7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, पे लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह है। अब 8वां वेतन आयोग लागू होने के बाद, यह बेसिक सैलरी नए ‘फिटमेंट फैक्टर’ के आधार पर तय होगी। फिलहाल पूरा गणित इसी बात पर टिका है कि सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है। अगर हम अलग-अलग संभावनाओं पर नजर डालें, तो वेतन में भारी उछाल तय माना जा रहा है।

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर का गणित (अनुमानित बेसिक सैलरी)

विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, नई न्यूनतम बेसिक सैलरी 34,200 रुपये से शुरू होकर 51,480 रुपये तक जा सकती है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं:

  • 1.90 का फिटमेंट फैक्टर: नई बेसिक सैलरी करीब ₹34,200 हो सकती है।
  • 2.10 का फिटमेंट फैक्टर: नई बेसिक सैलरी ₹37,800 तक पहुँच सकती है।
  • 2.28 का फिटमेंट फैक्टर: इसमें बेसिक सैलरी ₹41,040 हो सकती है।
  • 2.46 का फिटमेंट फैक्टर: यह आंकड़ा ₹44,280 तक जा सकता है।
  • 2.57 का फिटमेंट फैक्टर: इसके आधार पर बेसिक सैलरी ₹46,260 हो सकती है।
  • 2.86 का फिटमेंट फैक्टर: यह सबसे शानदार विकल्प है, जिसमें बेसिक सैलरी ₹51,480 तक पहुँच सकती है।
बेसिक ही नहीं, भत्तों में भी होगा जबरदस्त इजाफा

8वें वेतन आयोग का असर सिर्फ बेसिक सैलरी तक ही सीमित नहीं रहेगा। जैसे ही बेसिक सैलरी बढ़ेगी, वैसे ही आपके अन्य भत्ते भी स्वतः बढ़ जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण ‘मकान किराया भत्ता’ (HRA) है, जिसकी गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। यानी नई बेसिक बढ़ने से शहर की श्रेणी (X, Y या Z) के अनुसार आपको मिलने वाला HRA भी पहले से काफी ज्यादा होगा।

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इसके अलावा, महंगाई भत्ता (DA) को लेकर भी नियम बदलेंगे। नया वेतन आयोग लागू होने पर डीए को 0 प्रतिशत से रीसेट किया जा सकता है और फिर बढ़ती महंगाई के अनुसार इसे समय-समय पर बढ़ाया जाएगा। साथ ही, यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सुविधाओं में भी संशोधन की उम्मीद है। जब बेसिक के साथ ये तमाम भत्ते जुड़ेंगे, तो कर्मचारियों की ‘ग्रॉस सैलरी’ में ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार किस तारीख से इसे लागू करेगी, लेकिन कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी का इंतजार अब खत्म होने को है।