करोड़ों गैस उपभोक्ताओं को लगा तगड़ा झटका! अब इन लोगों के खाते में नहीं आएंगे सब्सिडी के पैसे
रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल करने वाले देश के करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आई है. केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के कारण जुलाई महीने की शुरुआत से ही कई उपभोक्ताओं के खातों में आने वाली एलपीजी सब्सिडी पर ताला लग सकता है.
नियमों के सख्त होने की सबसे बड़ी और मुख्य वजह इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर यानी e-KYC की प्रक्रिया है. सरकार ने पहले ही इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे कि जिन भी गैस उपभोक्ताओं ने 30 जून तक अपना e-KYC वेरिफिकेशन पूरा नहीं किया है, उनकी सब्सिडी तुरंत प्रभाव से रोकी जा सकती है.
यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल वेरिफिकेशन पर टिकी है, जिसे अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य सिस्टम से फर्जी, अवैध और लंबे समय से निष्क्रिय पड़े गैस कनेक्शनों को पूरी तरह से बाहर करना है.इन उपभोक्ताओं को अब नहीं मिलेगा सरकारी सब्सिडी का लाभनए अपडेट के मुताबिक, कुछ विशेष श्रेणियों में आने वाले गैस उपभोक्ताओं को सब्सिडी के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है. सबसे पहले, जिन परिवारों की कुल वार्षिक आमदनी ₹10 लाख या उससे अधिक है, उन्हें नियमानुसार रसोई गैस पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाएगी.
वर्तमान में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के पात्र लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की बड़ी आर्थिक राहत दी जा रही है. यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के प्रमाणित बैंक खातों में भेजी जाती है.
पेट्रोलियम मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों का मुख्य फोकस सरकारी पैसे और सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक व जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है. e-KYC के सख्त नियम लागू होने से एक ही नाम पर चल रहे डुप्लीकेट कनेक्शनों और बाजार में होने वाले कमर्शियल दुरुपयोग पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सकेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से पूरे एलपीजी वितरण तंत्र में पारदर्शिता आएगी और कालाबाजारी रुकेगी.