ITR Filing Alert: टैक्स भरने वालों की एक छोटी सी भूल और फंस जाएगा पूरा रिफंड, तुरंत देखें नया नियम
देश में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए ITR-1 (सहज), ITR-2, ITR-3 और ITR-4 (सुगम) की एक्सेल यूटिलिटी लाइव कर दी है। इसके साथ ही, विभाग की ओर से ITR-1 से लेकर ITR-5 तक के सभी जरूरी फॉर्म भी अधिसूचित किए जा चुके हैं।
इस बार इनकम टैक्स विभाग ने ITR-1 फॉर्म में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जिन्हें जानना हर टैक्सपेयर के लिए बेहद जरूरी है। नए नियमों के अनुसार, अब योग्य टैक्सपेयर्स अपनी दो ‘सेल्फ-ऑक्यूपाइड हाउस प्रॉपर्टी’ (खुद के रहने वाली मकान संपत्ति) की पूरी जानकारी भी ITR-1 में दे सकते हैं।
इसके अलावा, ‘अनरियलाइज्ड रेंट’ यानी ऐसा किराया जो मकान मालिक को मिलना तो तय था लेकिन किसी वजह से नहीं मिल सका, उसके लिए भी फॉर्म में एक बिल्कुल अलग कॉलम जोड़ दिया गया है। वहीं, विदेशी रिटायरमेंट बेनिफिट्स की रिपोर्टिंग करने की अनिवार्यता को भी अब पूरी तरह से हटा दिया गया है।हालांकि, कुछ लोगों को इस फॉर्म को भरने से पहले सावधान रहना होगा। जिन लोगों की आय किसी बिजनेस या प्रोफेशन से होती है, या जिन्हें शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन हुआ है, या फिर जिनका लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन 1.25 लाख रुपये से अधिक है, वे ITR-1 का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
आयकर विभाग ने सभी टैक्सपेयर्स को सलाह दी है कि वे ITR भरने की जल्दबाजी करने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज एक जगह तैयार रख लें। रिटर्न भरने से पहले अपने Form-16, AIS (एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट), Form-26AS, बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाणपत्र और निवेश से जुड़े सभी कागजातों का आपस में मिलान जरूर कर लें।
बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ रिटर्न सबमिट करने से काम पूरा हो गया, लेकिन ऐसा नहीं है।