दिवाली से पहले पिस्ता के दाम दोगुने, ड्राई फ्रूट्स की टोकरी 40% तक महंगी
इस बार दिवाली पर मिलने वाला ड्राई फ्रूट्स का तोहफे वाला डिब्बा पहले जैसा नहीं रहने वाला। पिस्ता की खुदरा कीमतें एक साल पहले के मुकाबले करीब दोगुनी हो चुकी हैं और नट्स व ड्राई फ्रूट्स की पूरी टोकरी 25 से 40 प्रतिशत तक महंगी हो गई है। भारी उछाल और आपूर्ति की कमी के चलते इस बार गिफ्ट हैंपरों से पिस्ता करीब-करीब गायब सा हो गया है और कई हैंपर बनाने वाले इस बार पिस्ता रखना ही छोड़ रहे हैं।
खुदरा विक्रेता और कंपनियां बजट को सीमा में रखने के लिए हैंपरों में पिस्ता की जगह बीजों और बेरियों जैसे सस्ते विकल्प भर रहे हैं और बादाम की मात्रा में भी कटौती कर रहे हैं। उद्योग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक इतनी महंगाई के बावजूद ड्राई फ्रूट्स और नट्स के गिफ्ट पैक की बिक्री में सालाना आधार पर 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, यानी त्योहारी रौनक बची हुई है लेकिन डिब्बे का अंदरूनी हिसाब बदल गया है।
पिस्ता ने बिगाड़ा त्योहार का पूरा हिसाबआयातकों और ड्राई फ्रूट प्रोसेसर्स का कहना है कि सबसे ज्यादा मार पिस्ता पर पड़ी है।
बादाम की कीमतों में भी करीब 20 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। खजूर, पेकान और कद्दू के बीज 5 से 10 प्रतिशत तक महंगे हुए हैं, जबकि काजू, किशमिश, अखरोट और मखाना की कीमतों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी हुई है। आयातकों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि पूरी टोकरी पिछले साल के मुकाबले 25 से 40 प्रतिशत तक ऊपर है, इसलिए त्योहारी खरीदारी पर इस उछाल का असर साफ दिख रहा है।
विदेशी अड़चनों से लेकर कमजोर रुपये तक की मारदामों की इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण गिनाए जा रहे हैं।
अनुमान के मुताबिक करीब 75,000 करोड़ रुपये के भारतीय नट्स और ड्राई फ्रूट्स उद्योग की कुल सालाना बिक्री का 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा अकेले दिवाली के सीजन में होता है, ऐसे में महंगाई की मार ठीक कमाई के मौसम में पड़ी है।
खरीदारों के लिए एक उम्मीद यह है कि दिवाली के बाद बादाम की नई फसल बाजार में आने से इसके दामों में 5 से 10 प्रतिशत तक नरमी आ सकती है, हालांकि यह फिलहाल अनुमान ही है।