घर के बिजली मीटर की रीडिंग बिल से मैच नहीं कर रही? शिकायत से पहले ये 4 चीजें जांच लें, वरना बिल गलत ही रहेगा
बिजली का बिल आने पर कई बार लोग सिर्फ कुल रकम देखते हैं और मीटर की रीडिंग की जांच करना भूल जाते हैं। अगर बिल में लिखी रीडिंग और घर के मीटर पर दिख रही रीडिंग में अंतर है तो बिल गलत हो सकता है। ऐसी स्थिति में सीधे शिकायत करने से पहले कुछ चीजें खुद जांच लेना जरूरी है, क्योंकि कई बार अंतर का कारण सामान्य होता है, जैसे अनुमानित रीडिंग या रीडिंग लेने की तारीख का फर्क।
मीटर की रीडिंग को समझना मुश्किल नहीं है।
सबसे पहले बिल पर लिखे मीटर नंबर की तुलना घर में लगे मीटर के नंबर से करें। कई बार एक ही इमारत में कई मीटर होते हैं और गलत मीटर का बिल किसी और को मिल जाता है। इसके बाद बिल पर रीडिंग की तारीख देखें और उसी दिन मीटर की रीडिंग नोट करें।
मीटर की तस्वीर खींचकर रखना भी अच्छा तरीका है, ताकि शिकायत करते समय सबूत के रूप में दिखाया जा सके। तस्वीर में मीटर नंबर और रीडिंग दोनों साफ दिखने चाहिए। यह छोटा सा काम शिकायत की प्रक्रिया को आसान बना देता है।
दूसरी जांच: अनुमानित या वास्तविक रीडिंगबिल पर यह भी लिखा होता है कि रीडिंग वास्तविक है या अनुमानित। अगर मीटर तक पहुंच नहीं पाई या रीडिंग नहीं ली जा सकी तो बिजली कंपनी अनुमानित बिल भेज सकती है।
अगर लगातार कई महीने अनुमानित बिल आ रहा है तो बिजली कंपनी से वास्तविक रीडिंग लेने का अनुरोध करना चाहिए। मीटर तक पहुंच में कोई रुकावट है, जैसे ताला या निर्माण कार्य, तो उसे भी हटवाना चाहिए ताकि रीडिंग सही समय पर ली जा सके।
तीसरी और चौथी जांच: खपत और पुराना बकायातीसरी जांच खपत की है।
चौथी जांच पुराने बकाया की है। कई बार बिल में पुराना बकाया या समायोजन राशि जुड़ी होती है, जिससे कुल रकम ज्यादा दिखती है। बिल के ब्योरे में यह राशि अलग से लिखी होती है।