PAN Card पर लोन लेकर गायब हो रहे ठग, कहीं आप भी तो नहीं हैं निशाने पर? ऐसे करें चेक

Newspoint

ज़रा सोचिए, आप एक दिन अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं और अचानक आपको पता चलता है कि आपके नाम पर एक ऐसा लोन चल रहा है, जिसके लिए आपने कभी अप्लाई ही नहीं किया। बिना आपकी जानकारी के यह कर्ज आपके सिर पर आ चुका है और अब इसे चुकाने की कानूनी जिम्मेदारी भी आपकी ही है। सुनने में यह किसी डरावनी फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है। पैन कार्ड (PAN) से जुड़ा यह लोन फ्रॉड आज देश के लाखों लोगों की नींद उड़ा रहा है।

दरअसल, शातिर ठग चोरी किए गए पैन डिटेल्स का इस्तेमाल करके लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन ले रहे हैं। आजकल डिजिटल लेंडिंग और इंस्टेंट लोन ऐप्स का बोलबाला है, जहाँ चंद मिनटों में लोन अप्रूव हो जाता है। ठग इसी कमजोर वेरिफिकेशन सिस्टम का फायदा उठाते हैं। इसका सबसे बुरा असर पीड़ित के सिबिल (CIBIL) स्कोर पर पड़ता है, रिकवरी एजेंट के फोन आने लगते हैं और कई बार तो कानूनी पचड़ों में भी फंसना पड़ जाता है।

ठग कैसे बुनते हैं जाल?

पैन कार्ड से लोन लेने के लिए जालसाज सिर्फ आपके पैन नंबर का इस्तेमाल नहीं करते। वे अक्सर डेटा लीक, फिशिंग ईमेल या नकली मोबाइल ऐप्स के जरिए आपकी दूसरी निजी जानकारियां जैसे मोबाइल नंबर और जन्मतिथि भी चुरा लेते हैं। इन जानकारियों को मिलाकर एक ‘फर्जी पहचान’ तैयार की जाती है। चूंकि कई लोन ऐप्स बहुत गहराई से जांच नहीं करते, इसलिए ठग आसानी से लोन हासिल कर लेते हैं और असली मालिक को इसकी कानों-कान खबर तक नहीं होती।

बचाव के लिए क्या करें?

अगर आपको ज़रा भी शक है कि आपके पैन का गलत इस्तेमाल हो सकता है, तो सबसे पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करने की आदत डालें। ‘इकोनॉमिक टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, TransUnion CIBIL, Experian और Equifax जैसे क्रेडिट ब्यूरो आपको अपनी रिपोर्ट देखने की सुविधा देते हैं। अगर आपकी रिपोर्ट में कोई ऐसा लोन अकाउंट या अनजान लेंडर की पूछताछ (Inquiry) दिखे जिसे आप नहीं पहचानते, तो समझ जाइये कि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है।

फ्रॉड होने पर तुरंत उठाएं ये कदम

यदि आपको अपनी रिपोर्ट में कोई फर्जी लोन मिलता है, तो बिना देर किए उस बैंक या लेंडर से संपर्क करें जिसने वह लोन जारी किया है। उनसे लोन के दस्तावेज़ और KYC की जानकारी मांगें। इसके बाद तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal

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(cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें और पास के साइबर सेल में FIR कराएं। साथ ही क्रेडिट ब्यूरो को भी सूचित करें ताकि आपके अकाउंट को ‘फ्रॉड’ मार्क किया जा सके। अपनी सुरक्षा के लिए बैंक अकाउंट के पासवर्ड बदलें और ट्रांजेक्शन अलर्ट हमेशा ऑन रखें। सही समय पर की गई शिकायत आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।