'देश ने आपको अमीर बनाया, अब आधी दौलत दान करो!' नए टेक अरबपतियों पर भड़कीं मेलिंडा गेट्स

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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एक बहुत बड़ी क्रांति चल रही है। इस एआई बूम ने टेक सेक्टर में काम करने वाले कई युवा प्रोफेशनल्स और फाउंडर्स को रातों-रात बेतहाशा अमीर बना दिया है। स्पेसएक्स जैसी दिग्गज कंपनियों के आईपीओ (IPO) के बाद बाजार में नए करोड़पतियों की एक पूरी फौज खड़ी हो गई है। वहीं दूसरी ओर, ओपनएआई (OpenAI) और एंथ्रोपिक (Anthropic) जैसी बड़ी कंपनियों के पब्लिक होने का इंतजार अभी बाकी है, जिससे अमीरों की लिस्ट और लंबी होने वाली है।

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दौलत की इस नई और ताबड़तोड़ बारिश के बीच मशहूर परोपकारी (Philanthropist) मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने इन नए टेक दिग्गजों के सामने एक बहुत बड़ी मांग रख दी है। मेलिंडा ने इन नए रईसों से भावुक और कड़क अपील की है कि वे समाज की भलाई के लिए अपनी कुल संपत्ति का कम से कम आधा हिस्सा दान करने का संकल्प लें। उनका मानना है कि इतनी बड़ी और अकूत दौलत के साथ समाज के प्रति कुछ बेहद गंभीर जिम्मेदारियां भी खुद-ब-खुद आ जाती हैं।

आईपीओ से होने वाली कमाई पर कल नहीं, आज ही लें बड़ा फैसला

मशहूर फॉर्च्यून मैगजीन से खास बातचीत में मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने उन सभी लोगों को एक बेहद सख्त और सीधी सलाह दी, जिन्हें आने वाले समय में टेक कंपनियों के आईपीओ से भारी-भरकम मुनाफा होने वाला है।

उन्होंने कहा कि अपनी कमाई को दान करने का यह बड़ा फैसला कल पर छोड़ने के बजाय आज ही लिया जाना चाहिए।

मेलिंडा ने कहा, ‘आपको आज ही यह तय कर लेना चाहिए कि आप अपनी इस नई कमाई का कम से कम आधा हिस्सा समाज को वापस लौटाएंगे। यह रकम चाहे कितनी भी छोटी या बड़ी क्यों न हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। अगर आप इन बड़े आईपीओ में निवेश करने की हैसियत और ताकत रखते हैं, तो यकीन मानिए, आप अपनी आधी दौलत को दान करने में भी पूरी तरह सक्षम हैं।’

आपकी कामयाबी के पीछे देश के संसाधनों का है सबसे बड़ा हाथ

आखिर किसी भी इंसान को अपनी दिन-रात की मेहनत से कमाई गई दौलत क्यों दान कर देनी चाहिए? मेलिंडा इसका बेहद तार्किक और सटीक जवाब देती हैं।

उनका तर्क है कि अमेरिका या दुनिया के जितने भी सबसे रईस लोग हैं, वे सभी अपनी इस अविश्वसनीय सफलता के लिए कहीं न कहीं अपने देश के ऋणी हैं।

एक आम इंसान के नजरिए से भी देखें तो यह बात एकदम सच बैठती है। देश की मजबूत सड़कें, बिजली, पानी, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन शिक्षा प्रणाली और एक मजबूत हेल्थकेयर सिस्टम— ये वो तमाम जरूरी चीजें हैं जिनकी बदौलत ही मल्टी-बिलियन डॉलर कंपनियों का निर्माण संभव हो पाता है। ऐसे में जिस देश और समाज ने आपको इतने बड़े मुकाम पर पहुंचने में मदद की, उसके प्रति अपना फर्ज निभाना हर अमीर नागरिक की जिम्मेदारी बन जाती है।

महिलाओं की सेहत के लिए मेलिंडा ने खुद खोले अपनी तिजोरी के रास्ते

खुद मेलिंडा फ्रेंच गेट्स दान-पुण्य के मामले में दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल हैं। लगभग 19 अरब डॉलर की अनुमानित संपत्ति की मालकिन मेलिंडा ने साल 2010 में अपने पूर्व पति बिल गेट्स और मशहूर दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट के साथ मिलकर ‘द गिविंग प्लेज’ (The Giving Pledge) नाम की एक ऐतिहासिक मुहिम की शुरुआत की थी। इस पहल का सीधा सा मकसद दुनिया के सबसे अमीर लोगों को अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा जीते जी या वसीयत में दान करने के लिए प्रेरित करना है।

अब तक दुनिया के 250 से ज्यादा रईस इस मुहिम का हिस्सा बन चुके हैं, जिनमें एयरबीएनबी के ब्रायन चेस्की, मैकेंजी स्कॉट और कैनवा के को-फाउंडर क्लिफ ओब्रेक्ट जैसे बड़े नाम शामिल हैं। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन से आधिकारिक रूप से अलग होने के बाद भी मेलिंडा अब अपने ‘पिवोटल’ संगठन के जरिए समाज में बड़ा बदलाव ला रही हैं। हाल ही में उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य और मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) पर रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए 215 मिलियन डॉलर (करीब 1800 करोड़ रुपये) दान करने की बड़ी घोषणा की है।