बाजार में मची लूट! रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंचा सोना, चांदी की चमक देख उड़ जाएंगे होश
सोने और चांदी के बाजार में मंगलवार, 11 अगस्त को सुबह के कारोबार में एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर दोनों में एक प्रतिशत से ज्यादा की शानदार बढ़त दर्ज की गई है। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी और ग्लोबल मार्केट में निवेशकों का सकारात्मक रुख है। सुबह करीब 9:10 बजे एमसीएक्स पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना 1.32 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,55,124 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,39,400 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास ट्रेड कर रही थी।
केडिया कमोडिटिज के प्रेसीडेंट अजय केडिया ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस साल के अंत तक सोना 1.70 से 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। इतना ही नहीं, उनका मानना है कि आने वाले डेढ़ साल में सोने की कीमतें 2 लाख रुपये के आंकड़े को भी पार कर सकती हैं। इसके पीछे उन्होंने ‘डी-डॉलराइजेशन’ (डॉलर के वर्चस्व को कम करने) को एक बहुत बड़ा कारण बताया है। उनके मुताबिक, अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस पर टिक जाता है, तो यह बढ़कर 4,600 डॉलर और अगले डेढ़ साल में 6,000 डॉलर तक भी जा सकता है।
डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने की वजह से दूसरी मुद्राओं का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना थोड़ा सस्ता हो गया है, जिससे बाजार में मांग बढ़ी है। इसके साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर बने हुए हैं। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा, लेकिन ईरान ने दो टूक कह दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई बंद नहीं करता और मुआवजे की मांग पूरी नहीं होती, तब तक यह रास्ता बंद ही रहेगा।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने अपनी रफ्तार को दो महीने के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंचा दिया है। अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों के बाद से बाजार में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग तेजी से बढ़ी है। अब निवेशकों की नजरें बुधवार को आने वाले अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और गुरुवार को आने वाले उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों पर टिकी हैं। इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अगली रणनीति का साफ संकेत मिलेगा।
रवि सिंह के अनुसार, सोने की कीमतें फिलहाल 1,54,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नजदीकी रेजिस्टेंस जोन के पास हैं। यदि यह इस स्तर को पार कर जाता है, तो अगला टारगेट 1,58,000 रुपये तक हो सकता है, जबकि नीचे की तरफ 1,51,000 रुपये पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। वहीं, एलकेपी सिक्योरिटीज के वीपी जतेन त्रिवेदी का मानना है कि कमजोर महंगाई के आंकड़े सोने को और पंख दे सकते हैं, जबकि मजबूत सीपीआई के आने से डॉलर मजबूत हो सकता है और कुछ मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिल सकती है।