शेयर बाजार में आया भयंकर तूफान! 1 जून को खुलते ही निवेशकों ने मिनटों में कूट डाले 3.15 लाख करोड़, रॉकेट बने ये शेयर
मुंबई। पिछले कारोबारी सत्र में आई भारी गिरावट के बाद सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने धमाकेदार वापसी की है। जून महीने के पहले ही दिन बाजार के दोनों मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए। दोनों में ही 0.5 फीसदी से ज्यादा की जोरदार तेजी देखने को मिली है।
सबसे हैरान करने वाली बात तो यह रही कि सोमवार को बाजार खुलते ही महज कुछ ही मिनटों के कारोबार में निवेशकों की झोली में 3.15 लाख करोड़ रुपये आ गिरे।
अगर ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो वहां भी सुबह से ही चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.5 फीसदी से ज्यादा की मजबूती आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.8% की बढ़त के साथ ऊपर चढ़ा। सेक्टर्स के लिहाज से देखें तो आज निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 फीसदी से ज्यादा की छलांग लगाकर सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला सेक्टर साबित हुआ। इसके विपरीत निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट बैंक के शेयर बिकवाली के दबाव में लाल निशान में फिसल गए। कुल मिलाकर एनएसई पर आज करीब 1,823 शेयरों में तेजी का रुख रहा, जबकि 841 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 125 शेयरों की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के लगभग 93 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने के कारण इस हफ्ते की शुरुआत में बाजार के पास कोई बहुत बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं था। 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में शुरू हुए तनाव के बाद से बाजार में एक बेहद दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है।
दरअसल, ब्रॉडर मार्केट (मिडकैप और स्मॉलकैप) का प्रदर्शन मुख्य सूचकांकों (लार्जकैप) के मुकाबले काफी बेहतर रहा है।
करेंसी मार्केट की बात करें तो आज भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 के स्तर पर खुला, जो इसके पिछले बंद स्तर 95 के मुकाबले लगभग स्थिर माना जाएगा।
एलकेपी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी ने भारत के इंपोर्ट बिल (आयात खर्च) को लेकर चिंताओं को काफी कम किया है, जिससे घरेलू मुद्रा को मजबूत सहारा मिला है। तकनीकी नजरिए से देखें तो रुपए को 94.60 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस मिल रहा है, जबकि आने वाले दिनों के लिए 95.30 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है।
भले ही आज बाजार में शानदार रौनक दिख रही हो, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भारतीय शेयर बाजार को लेकर लगातार बेहद मंदी का बना हुआ है। एनएसई (NSE) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बीते शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में भारी-भरकम बिकवाली करते हुए 21,105.86 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले। ध्यान देने वाली बात यह है कि मई के पूरे महीने में किसी भी एक सिंगल ट्रेडिंग डे के दौरान FII द्वारा की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक बिकवाली दर्ज की गई है।