किसानों के लिए खुशखबरी, आय होगी दोगुनी! मोदी कैबिनेट ने गन्ने की नई कीमतों पर लगाई मुहर

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नई दिल्ली: मोदी सरकार ने देश के करोड़ों गन्ना किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने आगामी 2026-27 सीजन (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। अब किसानों को गन्ने के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।

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गन्ने की यह नई कीमतें 1 अक्टूबर 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।

बेहतर रिकवरी पर मिलेगा बोनस, कम पर भी सुरक्षा

सरकार ने इस बार केवल बेस प्राइस ही नहीं बढ़ाया है, बल्कि गन्ने की गुणवत्ता के आधार पर बोनस की व्यवस्था भी की है। अगर चीनी मिलों में गन्ने से चीनी की रिकवरी 10.25% से ज्यादा होती है, तो हर 0.1% की बढ़ोतरी पर किसानों को 3.56 रुपये प्रति क्विंटल का एक्स्ट्रा पैसा मिलेगा।

वहीं, किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए सरकार ने एक ‘सेफ्टी नेट’ भी तैयार किया है।

जिन मिलों में रिकवरी कम है, वहां भी किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। 9.5% से कम रिकवरी होने पर भी किसानों को कम से कम 338.3 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान पक्का मिलेगा।

लागत से दोगुनी कमाई का फॉर्मूला

आंकड़ों की बात करें तो सरकार ने 2026-27 सीजन के लिए गन्ने की औसत पैदावार लागत करीब 182 रुपये प्रति क्विंटल मानी है। इस हिसाब से 365 रुपये का नया रेट लागत से पूरे 100% ज्यादा है। पिछले सीजन के मुकाबले कीमतों में करीब 2.8% की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

5 करोड़ परिवारों को सीधा फायदा

गन्ना खेती केवल फसल नहीं, बल्कि देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत में लगभग 5 करोड़ किसान और उनके परिवार सीधे तौर पर गन्ने की खेती से जुड़े हैं। इसके अलावा चीनी मिलों में काम करने वाले 5 लाख मजदूरों और ट्रांसपोर्ट व व्यापार से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका भी इसी फैसले पर निर्भर करती है। सरकार के इस कदम से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण इलाकों में खुशहाली भी आएगी।