शादी के रजिस्ट्रेशन के नियम बदले! अब आधार कार्ड से नहीं साबित होगी उम्र, तुरंत जान लें नया फरमान
उत्तर प्रदेश में शादी का रजिस्ट्रेशन (Marriage Registration) कराने जा रहे जोड़ों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य में बाल विवाह पर लगाम लगाने और दूल्हा-दुल्हन की उम्र की सही से जांच सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा सकती है। इसके तहत अब उम्र के पुख्ता प्रमाण के रूप में आधार कार्ड को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यानी अब सिर्फ आधार कार्ड दिखा काम नहीं चलेगा। हालांकि, पहचान और पते (Address) के सत्यापन के लिए आधार का इस्तेमाल जारी रहेगा, लेकिन उम्र की पुष्टि के लिए दूसरे आधिकारिक दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी।
हाईकोर्ट के सख्त निर्देश और नए नियमविवाह पंजीकरण के दौरान वर-वधू की उम्र की जांच को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश बेहद सख्त और स्पष्ट हैं। अदालत का मानना है कि उम्र का सत्यापन पूरी तरह विश्वसनीय तरीके से होना चाहिए। हाईकोर्ट का साफ रुख है कि अगर शादी के वक्त लड़का या लड़की में से कोई भी कानून के मुताबिक नाबालिग है, तो उस शादी का रजिस्ट्रेशन किसी भी कीमत पर नहीं किया जाना चाहिए।
इसका मुख्य उद्देश्य गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेजों के सहारे नाबालिगों की शादियों का पंजीकरण होने से रोकना है। यही वजह है कि अब रजिस्ट्रेशन अधिकारियों के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन और सामान्य कागजात जमा कर लेना ही काफी नहीं होगा, बल्कि उन्हें यह पूरी तरह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों पक्ष कानून द्वारा तय की गई न्यूनतम उम्र की शर्त को पूरा करते हैं। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, देश में लड़की की न्यूनतम शादी की उम्र 18 साल और लड़के की 21 साल तय की गई है।
उम्र के सबूत के लिए अब कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?सामने आई जानकारी के मुताबिक, अगर आधार कार्ड को उम्र के प्रमाण के तौर पर नहीं माना जाएगा, तो फिर किन कागजातों से आयु की पुष्टि होगी? इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेजों का जिक्र सामने आया है:
- 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र (High School Marksheet/Certificate)
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- पासपोर्ट (Passport)
- ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License)
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा जारी किया गया आयु प्रमाण पत्र
हालांकि, जानकारों का कहना है कि इन सभी दस्तावेजों की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और नई एसओपी (SOP) की गाइडलाइंस पर निर्भर करेगी। यहां सबसे बड़ा अंतर यह समझना है कि ‘पहचान’ और ‘उम्र’ दोनों अलग-अलग चीजें हैं। आधार कार्ड आपकी पहचान और पता साबित करने के लिए बेहतरीन दस्तावेज है, लेकिन उम्र की सही पुष्टि के लिए अधिकारियों को अन्य विश्वसनीय प्रमाण देखने ही होंगे।
उत्तर प्रदेश के स्टाम्प एवं निबंधन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर विवाह पंजीकरण के लिए पूरी प्रक्रिया दी गई है। यदि आप भी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने की सोच रहे हैं, तो इन जरूरी बातों और दस्तावेजों को पहले से तैयार रखें:
- वर-वधू के कागजात: दोनों के पहचान पत्र, सही आयु प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र साथ रखें।
- गवाहों के दस्तावेज: शादी के पंजीकरण के समय दो गवाहों की जरूरत होती है, जिनके पहचान, उम्र और पते के प्रमाण पत्र भी लगेंगे।
- शपथ पत्र (Affidavit): वर और वधू का नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र होना अनिवार्य है।
- ऑनलाइन आवेदन और मूल दस्तावेज: पोर्टल पर सही जानकारी भरकर ऑनलाइन अप्लाई करें और तय समय के भीतर (आमतौर पर 30 दिनों के अंदर) मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित कार्यालय में पहुंचें। अपनी आवेदन रसीद और पासवर्ड को सुरक्षित संभाल कर रखें।