बैंक से आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया तो क्या करें? मोबाइल और खाते को सुरक्षित करने के कदम जान लें
मोबाइल पर बैंक के नाम से संदेश आना आम बात हो गई है। कभी खाता बंद होने की चेतावनी, कभी केवाईसी अपडेट का दबाव और कभी इनाम का लालच, ऐसे संदेशों में एक लिंक भी होता है। जल्दी में उस पर क्लिक हो जाए तो डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन घबराहट में गलत कदम उठाना नुकसान बढ़ा सकता है। ऐसे में सबसे पहले शांत रहकर खाते को सुरक्षित करने के कदम उठाने चाहिए, क्योंकि शुरुआती कुछ कदम ही आगे के नुकसान को रोक सकते हैं।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने का मतलब यह नहीं है कि पैसा तुरंत निकल ही जाएगा, लेकिन खतरा जरूर बन जाता है। लिंक से खुलने वाली नकली वेबसाइट बैंक की असली साइट जैसी दिख सकती है और वहां यूजरनेम, पासवर्ड, कार्ड नंबर या ओटीपी मांगा जा सकता है। अगर आपने ऐसी कोई जानकारी भर दी है तो खतरा और बढ़ जाता है। अगर सिर्फ लिंक खुला है और कोई जानकारी नहीं दी है, तब भी फोन और खाते की जांच करना जरूरी है, क्योंकि कुछ लिंक हानिकारक फाइल डाउनलोड कराने की कोशिश भी कर सकते हैं।
तुरंत उठाने वाले कदमसबसे पहले अपने बैंक को सूचित करें।
इसके बाद अपने मोबाइल की जांच करें। जिस ऐप या फाइल को आपने नहीं पहचाना, उसे हटाएं और फोन के सुरक्षा स्कैन का इस्तेमाल करें।
बैंक को सूचित करने के साथ ही साइबर अपराध की शिकायत भी दर्ज करें। इसके लिए हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क किया जा सकता है और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
एक बात का विशेष ध्यान रखें। पैसे वापस दिलाने का दावा करके शुल्क मांगने वाले लोग भी ठगी कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अगर खुद को अधिकारी बताकर वापसी के बदले पैसे मांगे तो उस पर भरोसा मत करें। शिकायत और वापसी की प्रक्रिया आधिकारिक माध्यमों से ही होती है, किसी एजेंट को शुल्क देकर नहीं।
भविष्य में ऐसे संदेशों से बचने के लिए एक आदत बना लें। बैंक कभी भी संदेश या ईमेल के लिंक से खाता अपडेट, केवाईसी या पासवर्ड बदलने को नहीं कहता। कोई भी जरूरी काम बैंक की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर खुद जाकर करें, संदेश के लिंक से नहीं। अनजान नंबरों से आए संदेशों में दिए गए नंबरों पर कॉल करने से बचें और नंबर हमेशा बैंक की आधिकारिक वेबसाइट से लें। छोटी सी सावधानी, जैसे लिंक पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की जांच, बड़े नुकसान से बचा सकती है।
अगर लिंक पर क्लिक हो ही गया है तो देर मत करें। बैंक को तुरंत सूचित करना, पासवर्ड बदलना और शिकायत दर्ज करना, यही तीन काम सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। आगे कोई भी कदम उठाने से पहले बैंक या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें, क्योंकि जल्दबाजी में उठाया गया गलत कदम भी नुकसान पहुंचा सकता है।