नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं? इस्तीफा देने से पहले इतने महीनों का खर्च बचाकर रखें, वरना बाद में पछताएंगे

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नौकरी छोड़कर अपना बिजनेस शुरू करने का विचार रोमांचक लगता है, लेकिन ज्यादातर नए कारोबार शुरुआती महीनों में कमाई नहीं, सिर्फ खर्च देते हैं। दुकान का किराया, सामान, कर्मचारियों का वेतन और घर का बजट, सब कुछ एक साथ आपकी जमा पूंजी पर निर्भर हो जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस्तीफा देने से पहले कितने महीनों का खर्च बचाकर रखना चाहिए, ताकि बिजनेस को जमने का समय मिल जाए और घर की गाड़ी भी न रुके।

पहले अपना असली मासिक खर्च निकालिए

हिसाब की शुरुआत सैलरी से नहीं, खर्च से होती है। पिछले 3 महीनों के बैंक विवरण और घर के खर्चों की सूची बनाइए। मकान का किराया या होम लोन की किस्त, राशन, बिजली-पानी, बच्चों की फीस, वाहन का खर्च, बीमा की किस्त और माता-पिता को भेजी जाने वाली रकम, ये सब जरूरी खर्च में गिने जाते हैं। बाहर खाना, घूमना और खरीदारी जैसे खर्च अलग रखिए, क्योंकि मुश्किल समय में इन्हीं पर सबसे पहले कटौती होती है। जो रकम हर महीने किसी हाल में चाहिए, वही आपकी असली मासिक जरूरत है। उदाहरण के लिए अगर घर का जरूरी खर्च करीब 40 हजार रुपये महीना है, तो 6 महीनों का सहारा करीब 2 लाख 40 हजार रुपये बैठेगा।

यह सिर्फ समझने के लिए दिया गया उदाहरण है, आपका आंकड़ा आपके खर्च के हिसाब से अलग होगा।

कितने महीनों का सुरक्षा कवच काफी रहेगा

वित्तीय सलाह में आम तौर पर 6 से 12 महीनों के जरूरी खर्च की बचत को सुरक्षा कवच के रूप में देखा जाता है, लेकिन यह कोई पत्थर की लकीर वाला नियम नहीं है। अगर परिवार में कमाने वाले आप अकेले हैं, बच्चों की पढ़ाई चल रही है या कोई बड़ा कर्ज है, तो लंबी अवधि का सहारा ज्यादा सुरक्षित रहेगा। वहीं अगर जीवनसाथी की नौकरी स्थिर है और घर का आधा खर्च वहां से निकल आता है, तो कुछ कम अवधि की बचत से भी काम चल सकता है।

बिजनेस की प्रकृति भी मायने रखती है। जिस काम में ग्राहक बनने और भुगतान मिलने में समय लगता है, वहां लंबा सहारा चाहिए। याद रखिए, यह बचत बिजनेस के शुरुआती निवेश से अलग होनी चाहिए। दुकान, मशीन या सामान का पैसा घर के खर्च वाली जमा पूंजी से मिलाना सबसे खतरनाक भूल साबित हो सकती है।

इस्तीफा देने से पहले ये तैयारी भी पूरी कर लें

सिर्फ बचत काफी नहीं है। नौकरी के साथ मिलने वाली चिकित्सा बीमा सुविधा इस्तीफे के बाद खत्म हो जाती है, इसलिए परिवार के लिए अलग स्वास्थ्य बीमा पहले से ले लेना समझदारी है।

क्रेडिट कार्ड का बकाया और ऊंची ब्याज दर वाला कर्ज जितना हो सके पहले निपटा दें, क्योंकि बिना सैलरी के महीनों में यही सबसे ज्यादा चुभता है। नोटिस अवधि में मिलने वाली रकम और बची छुट्टियों के पैसे का हिसाब भी पहले से स्पष्ट कर लें। हो सके तो बिजनेस की शुरुआत नौकरी के साथ छोटे पैमाने पर परखकर देखें, ताकि मांग का अंदाजा लग जाए। अंत में फैसला अपनी आय, कर्ज, परिवार की जिम्मेदारी और जोखिम उठाने की क्षमता देखकर ही लें और शंका हो तो अपने बैंक या किसी विश्वसनीय वित्तीय सलाहकार से अपनी स्थिति की पुष्टि जरूर करा लें।