यूपी के लाखों कामगारों की बल्ले-बल्ले! 1 अक्टूबर से बढ़ गई न्यूनतम मजदूरी

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले प्रदेश के लाखों श्रमिकों और कामगारों को बहुत बड़ी राहत देने वाला शानदार फैसला लिया है। राज्य सरकार ने श्रमिकों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) की संशोधित दरें आधिकारिक रूप से निर्धारित कर दी हैं।

इस नए फैसले के तहत अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 रुपये से लेकर 238.39 रुपये तक का इजाफा किया गया है।

यह नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। सरकार के इस कदम का सीधा लाभ प्रदेश के 74 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत पात्र श्रमिकों को प्राप्त होगा। बढ़ती महंगाई के इस दौर में मजदूरी में हुई यह वृद्धि कामगारों को काफी आर्थिक राहत दिलाएगी।

दीपावली से पहले मजदूरों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने हमेशा की तरह श्रमिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू करने का फैसला लिया है।

श्रम विभाग की तरफ से 21 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए आधिकारिक शासनादेश के मुताबिक, प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम कर रहे श्रमिकों को अब इसी संशोधित दर के अनुसार सैलरी का भुगतान किया जाएगा।

सरकार के इस फैसले से उन सभी श्रमिकों को बहुत फायदा मिलेगा, जो अब तक निर्धारित न्यूनतम मजदूरी पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सरकार ने मजदूरी में यह संशोधन करते समय वर्तमान महंगाई के स्तर और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को मुख्य आधार बनाया है।

इन नई दरों के लागू होने से कामगारों को अक्टूबर महीने से ही बढ़ी हुई मजदूरी का पूरा लाभ मिलने लगेगा।

इसके साथ ही श्रम विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों और कंपनियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे हर हाल में संशोधित दरों के हिसाब से ही भुगतान सुनिश्चित करें।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा बढ़ी मजदूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और जिलों के हिसाब से मजदूरी की अलग-अलग दरें तय की हैं। इसमें गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद में काम करने वाले श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बाकी अन्य जिलों की तुलना में सबसे अधिक रखी गई है।

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल (Unskilled) श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 रुपये से बढ़ाकर 13,883.59 रुपये कर दी गई है।

इस तरह उन्हें हर महीने 193.59 रुपये का अतिरिक्त फायदा मिलेगा।

अर्द्धकुशल (Semi-skilled) श्रमिकों की मासिक मजदूरी 15,059 रुपये से बढ़ाकर 15,271.41 रुपये कर दी गई है। इससे उनकी जेब में हर महीने 212.41 रुपये ज्यादा आएंगे।

वहीं, कुशल (Skilled) श्रमिकों की मजदूरी को 16,868 रुपये से बढ़ाकर 17,106.39 रुपये कर दिया गया है। इस कैटेगरी के श्रमिकों को हर महीने 238.39 रुपये ज्यादा मिलेंगे, जो कि इस पूरे संशोधन में तय की गई सबसे ज्यादा मासिक बढ़ोतरी है।

नगर निगम वाले बाकी जिलों में भी बढ़ा दी गई मजदूरी

गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर प्रदेश के जितने भी अन्य नगर निगम वाले जिले हैं, वहां भी मजदूरी की नई संशोधित दरें लागू कर दी गई हैं।

इन नगर निगम वाले जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,006 रुपये से बढ़ाकर 13,189.68 रुपये तय की गई है, जिससे उन्हें हर महीने 183.68 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 14,306 रुपये से बढ़कर अब 14,507.46 रुपये हो गई है। इस वर्ग के कामगारों को 201.46 रुपये के मासिक इजाफे का फायदा मिलेगा।

दूसरी तरफ, कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 16,025 रुपये से बढ़ाकर 16,250.86 रुपये कर दी गई है। इस तरह उन्हें हर महीने 225.86 रुपये अधिक प्राप्त होंगे।

प्रदेश के अन्य जिलों के श्रमिकों को भी मिलेगा बंपर फायदा

इनके अलावा प्रदेश के बाकी बचे सभी अन्य सामान्य जिलों के लिए भी न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।

इन जिलों में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 12,356 रुपये से बढ़ाकर 12,530.25 रुपये कर दी गई है, यानी उन्हें हर महीने 174.25 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

अर्द्धकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,590 रुपये से बढ़ाकर 13,782.30 रुपये तय की गई है। इससे उन्हें हर महीने 192.30 रुपये का सीधा लाभ मिलेगा।

इसी प्रकार, कुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 15,224 रुपये से बढ़कर 15,438.42 रुपये कर दी गई है। इस श्रेणी के कामगारों को प्रतिमाह 214.42 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी।

जानिए किस आधार पर तय हुई हैं मजदूरी की नई दरें

श्रम विभाग के अनुसार, न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के दौरान रहे ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है।

आपको बता दें कि परिवर्तनीय महंगाई भत्ता यानी वीडीए (VDA) न्यूनतम मजदूरी का वह अहम हिस्सा होता है, जिसमें महंगाई के उतार-चढ़ाव के हिसाब से समय-समय पर बदलाव किए जाते हैं।

इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि बाजार में जब भी जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ें, तो उसी अनुपात में श्रमिकों की कमाई में भी उचित बढ़ोतरी हो सके। इस बार महंगाई भत्ते का कैलकुलेशन 400 अंकों के बेस लेवल से ऊपर सूचकांक में हुई बढ़ोतरी के आधार पर किया गया है।

कैसे होगी दैनिक मजदूरी की कैलकुलेशन? नियम भी जान लीजिए

सरकार ने दैनिक न्यूनतम मजदूरी निकालने का तरीका भी बिल्कुल साफ कर दिया है। नियम के मुताबिक, किसी भी श्रमिक की तय न्यूनतम मासिक मजदूरी को 26 से भाग (Divide) देकर उसकी एक दिन की यानी दैनिक मजदूरी तय की जाएगी।

इसे एक उदाहरण से समझें, तो अगर गाजियाबाद में किसी अकुशल श्रमिक की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,883.59 रुपये है, तो उसकी 1 दिन की न्यूनतम मजदूरी लगभग 534 रुपये बनेगी।

शासनादेश में यह भी बहुत स्पष्ट कहा गया है कि जो कर्मचारी पहले से ही तय न्यूनतम मजदूरी से ज्यादा वेतन ले रहे हैं, उनके वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी।

इसका सीधा मतलब यह है कि ये नई दरें न्यूनतम भुगतान की सीमा तय करती हैं, और पहले से अधिक सैलरी पाने वालों के लिए यही अतिरिक्त वृद्धि लागू होना अनिवार्य नहीं है।

31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी ये नई दरें

उत्तर प्रदेश सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, परिवर्तनीय महंगाई भत्ते की यह संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुकी हैं और 31 मार्च 2027 तक पूरी तरह प्रभावी रहेंगी।

श्रम विभाग ने सभी औद्योगिक इकाइयों और नियोजकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे कामगारों के स्किल वर्ग और जिलों की कैटेगरी के हिसाब से ही न्यूनतम मजदूरी का समय पर भुगतान करें।

योगी सरकार के इस फैसले से त्योहारी सीजन में प्रदेश के लाखों श्रमिकों के घरों में खुशी का माहौल है। भले ही यह बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन न्यूनतम मजदूरी पर आश्रित रहने वाले परिवारों के लिए हर महीने मिलने वाली यह अतिरिक्त राशि घर के छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगी।