नई दिल्ली में सज गया BRICS का मंच! चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग कल पहुंचेंगे भारत

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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने को लेकर बनी अनिश्चितताओं पर आखिरकार पूर्ण विराम लग गया है। चीन ने आधिकारिक तौर पर यह कन्फर्म कर दिया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आ रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) की शुरुआत से ठीक 24 घंटे पहले चीन की ओर से यह पुष्टि की गई है।

चीनी राष्ट्रपति इस हाई-प्रोफाइल ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, शी जिनपिंग 11 सितंबर को सुबह 11 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे।

गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना के बीच हुए सीमा संघर्ष के बाद यह पहला मौका है, जब चीनी राष्ट्रपति भारत की सरजमीं पर कदम रख रहे हैं। 7 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रही इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।

भारत मंडपम में होगी पीएम मोदी संग द्विपक्षीय बैठक

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राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर तक दिल्ली में अपनी बैठकों की तैयारी करेंगे। इसके बाद शाम करीब छह बजे नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी।

दोनों शीर्ष नेताओं के बीच भारत मंडपम में एक अहम द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) होने की भी संभावना जताई गई है। कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह मुलाकात भारत और चीन के भावी रिश्तों के लिए बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि गलवान सीमा विवाद के बाद भारतीय जमीन पर दोनों नेताओं की यह पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता होगी।

आखिरी बार 2019 में भारत आए थे शी जिनपिंग

चीनी राष्ट्रपति की इससे पिछली भारत यात्रा 11-12 अक्टूबर 2019 को हुई थी। उस समय वह तमिलनाडु के ऐतिहासिक शहर मामल्लापुरम (महाबलीपुरम) पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरे भारत-चीन अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उससे पहले 2018 में चीन के वुहान शहर में पहला अनौपचारिक सम्मेलन आयोजित किया गया था।

पीएम मोदी ने दिया था भारत आने का न्योता

गौरतलब है कि अगस्त 2025 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का दौरा किया था, तब उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 2026 के ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, जिनपिंग ने इस न्योते को सहर्ष स्वीकार करते हुए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया था और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूरा समर्थन किया था।

हालांकि, पिछले कुछ दिनों से उनके आने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे और 8 सितंबर तक चीन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। लेकिन अब चीन की अंतिम मुहर के साथ यह तय हो गया है कि वह सात साल बाद फिर से भारत की धरती पर आ रहे हैं।

भारत कर रहा BRICS की अध्यक्षता

भारत इस साल ब्रिक्स (BRICS) संगठन की अध्यक्षता संभाल रहा है। मुख्य ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इससे पहले 11 सितंबर से ब्रिक्स बिजनेस फोरम और महिला बिजनेस अलायंस से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो रही हैं। इस बार के शिखर सम्मेलन की मुख्य थीम ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ रखी गई है।