8th Pay Commission: फैमिली यूनिट बढ़ने से कितनी बढ़ेगी सैलरी? केंद्रीय कर्मचारियों ने सरकार के सामने उठाई नई मांग
देशभर के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर उत्सुकता चरम पर है। कर्मचारियों के बीच वैसे तो फिटमेंट फैक्टर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन इसी बीच एक नया मोड़ सामने आया है।
अगर हम पिछले यानी 7वें वेतन आयोग की बात करें, तो उसने न्यूनतम वेतन की गणना करने के लिए 3.0 फैमिली यूनिट को अपना मुख्य आधार बनाया था। इस पुराने फॉर्मूले के तहत सरकारी कर्मचारी को खुद 1.0 यूनिट, उनके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को 0.8 यूनिट, पहले बच्चे को 0.6 यूनिट और दूसरे बच्चे को 0.6 यूनिट माना गया था। इस प्रकार इन सभी को जोड़कर कुल फैमिली यूनिट संख्या 3.0 तय की गई थी और इसी के हिसाब से बेसिक सैलरी का ढांचा तैयार हुआ था।
हालांकि, इस पुरानी गणना में एक बहुत बड़ी कमी यह थी कि इसमें कर्मचारी के आश्रित माता-पिता (डिपेंडेंट पेरेंट्स) को पूरी तरह से बाहर रखा गया था और उन्हें कोई यूनिट नहीं दी गई थी।
मौजूदा सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तमाम कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने तर्क रखा है कि अब इस व्यवस्था को बदलने का समय आ गया है। उनकी मांग है कि फैमिली यूनिट को 3.0 से बढ़ाकर कम से कम 4.6 से लेकर 5.0 के बीच किया जाना चाहिए।