रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी! साल में मिलेंगे 6 गैस सिलेंडर बिल्कुल फ्री
कमर्शियल और घरेलू गैस कंपनियों के लिए भले ही एलपीजी की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हों, लेकिन आम गरीबों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने गरीबों को साल भर में छह मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने वाली शानदार योजना को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। सरकार की तरफ से विधानसभा में खुद इस बात की जानकारी दी गई है। अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत लाई गई इस स्कीम का मुख्य मकसद गरीब परिवारों के रसोई गैस के भारी-भरकम खर्च के बोझ को कम करना है।
‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री सतीश शर्मा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में यह बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि AAY परिवारों को हर साल छह मुफ्त गैस सिलेंडर देने की नीति को सक्षम प्राधिकारी की तरफ से हरी झंडी मिल गई है।
हर कोई यह जानना चाहता है कि क्या यह सुविधा राज्य के सभी लोगों को मिलेगी? तो आपको बता दें कि इस योजना का लाभ केवल अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत आने वाले पात्र परिवारों को ही दिया जाएगा। यानी यह सुविधा जम्मू-कश्मीर के हर एलपीजी उपभोक्ता के लिए नहीं है, बल्कि सिर्फ बेहद गरीब परिवारों के वास्ते है। सरकार ने पहले ही विधानसभा में साफ किया था कि इस योजना के तहत छह एलपीजी रिफिल की कुल लागत आधार से जुड़े डीबीटी (DBT) यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
सितंबर में विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में कुल मिलाकर करीब 8.79 लाख AAY लाभार्थी परिवार मौजूद हैं। हालांकि, योजना की अंतिम लाभार्थी संख्या और इसकी पूरी वित्तीय प्रक्रिया को लेकर सरकार की ओर से जो विस्तृत आदेश आने वाले हैं, वे काफी अहम साबित होंगे।
विधानसभा में 12 बनाम 6 सिलेंडर पर मचा हंगामाजैसे ही सरकार की तरफ से साल में छह मुफ्त सिलेंडर देने की घोषणा की गई, वैसे ही विधानसभा के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। विपक्षी पार्टी बीजेपी के सदस्यों ने सरकार को घेरते हुए उनके उस पुराने चुनावी वादे की याद दिलाई जिसमें साल में 12 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की बात कही गई थी।
दूसरी ओर, अगर गैस कंपनियों की बात करें तो सितंबर महीने में एक घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर करीब 300 रुपये तक के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक घरेलू एलपीजी से जुड़ी कुल नेगेटिव बफर राशि लगभग 61,940 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी थी। रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घरेलू एलपीजी पर प्रति सिलेंडर नुकसान करीब 500 रुपये तक पहुंच गया था, जो सितंबर में घटकर करीब 300 रुपये आंका गया है।