कच्चा तेल हुआ आग, 80 डॉलर के करीब पहुंचा भाव! जानें क्या है ताजा अपडेट

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महज तीन दिन पहले की बात है, जब कच्चा तेल 72 डॉलर प्रति बैरल से नीचे था और हर कोई उम्मीद लगाए बैठा था कि तेल सस्ता होगा। एक्सपर्ट्स तो यहां तक दावा कर रहे थे कि अगस्त के मध्य तक पेट्रोल और डीजल के दाम कम हो सकते हैं। लेकिन, किसे पता था कि 72 घंटों के भीतर बाजी पूरी तरह पलट जाएगी? ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता फेल होते ही तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है और यह 10% तक महंगा हो गया है।

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ईरान-अमेरिका संघर्ष ने बढ़ाई चिंता

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की कोशिशें नाकाम रहने के बाद युद्ध जैसे हालात फिर से पैदा हो गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव और दोनों देशों के बीच हुए हमलों की खबरों ने ग्लोबल मार्केट में खलबली मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नए हमलों की धमकी और अंतरिम समझौते के खत्म होने के एलान ने आग में घी का काम किया है। इस भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) के कारण ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर के पार निकल गया था, जो अब 79 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है।

वहीं, अमेरिकी क्रूड भी 74-76 डॉलर के स्तर के बीच झूल रहा है।

भारत की उम्मीदों पर फिरा पानी

कच्चे तेल में आई इस उछाल ने भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें न केवल देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव डाल रही हैं, बल्कि ‘ट्रेड डेफिसिट’ (व्यापार घाटा) का संकट भी खड़ा कर रही हैं। हालांकि, सरकारी तेल कंपनियों ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति चिंताजनक हो सकती है।