“एक भी गाड़ी खराब हुई तो नाम बताओ”: एथनॉल पर भड़के नितिन गडकरी
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इस बार उन्होंने पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के मुद्दे पर आलोचकों को करारा जवाब दिया है। गडकरी ने उन लोगों पर तीखा हमला बोला है जो E20 (पेट्रोल में 20% एथनॉल) ईंधन से गाड़ियों के इंजन खराब होने की अफवाह फैला रहे हैं।
नितिन गडकरी ने आंकड़ों के साथ बताया कि एथनॉल नीति कैसे किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। उन्होंने कहा, “जब हमने मक्के से एथनॉल बनाने का फैसला किया था, तब बाजार में मक्के का भाव ₹1,200 प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर ₹2,800 हो गया है।” मंत्री के अनुसार, इस नीति से उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की जेब में अकेले ₹45,000 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा पहुंचा है।
यह नीति सिर्फ ईंधन का विकल्प नहीं, बल्कि देश के अन्नदाताओं की आर्थिक स्थिति सुधारने का जरिया है।विदेशी तेल का बोझ और भारत का ‘आत्मनिर्भर’ सपनागडकरी ने बताया कि भारत को अपनी ईंधन जरूरतों के लिए हर साल ₹22 लाख करोड़ का तेल आयात करना पड़ता है, जो देश की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ है। यह पैसा विदेश जाता है, जिसे रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए हमें पेट्रोल-डीजल की गुलामी छोड़कर स्वदेशी और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना होगा। एथनॉल मिश्रण से न केवल कच्चे तेल का आयात घटा है, बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी बड़ी कमी आई है।