PM Awas Yojana: सर्वे में नाम होने पर भी नहीं मिलेगा पक्का मकान? सरकार ने बदले कड़े नियम
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान पाने की आस लगाए बैठे परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अगर आवास सर्वे की सूची में आपका नाम दर्ज है, तब भी आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि सर्वे में नाम शामिल होना अब इस योजना का लाभ मिलने की अंतिम गारंटी नहीं माना जाएगा।
ग्रामसभा में सार्वजनिक होगी लाभार्थियों की सूची
सरकार के नए और सख्त निर्देशों के अनुसार, अब पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाली ग्रामसभा में आवास लाभार्थियों की प्रारूप सूची को सार्वजनिक किया जाएगा। इससे ग्रामीणों को इस सूची को खुद देखने का पूरा मौका मिलेगा। अगर इस दौरान किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट जाता है या फिर किसी अपात्र व्यक्ति का नाम गलती से सूची में शामिल कर लिया जाता है, तो आम लोग बेझिझक अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
सत्यापन के बाद ही तैयार होगी फाइनल लिस्ट
लोगों से मिलने वाली शिकायतों की गहन जांच और ग्राउंड लेवल पर भौतिक सत्यापन के बाद ही लाभार्थियों की अंतिम प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। आपको बता दें कि ‘आवास प्लस-2024’ के तहत पांच लाख से अधिक परिवारों का सर्वे किया गया था, जिसमें से शुरुआती जांच के दौरान ही 45 हजार से अधिक लोगों को अयोग्य पाकर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
30 सितंबर तक का दिया गया है समय
विभाग ने बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रारूप सूची पंचायत के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित की जाएगी। यदि सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो ग्रामीण पंचायत, प्रखंड या सीधे जिला स्तर पर अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। ग्रामसभा में पूरी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद अनुमोदित की गई इस सूची को 30 सितंबर तक संबंधित प्रखंड कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
अपील करने का भी मिलेगा पूरा मौका
प्रखंड स्तर से यह सूची आगे की प्रक्रिया के लिए जिला स्तरीय कमिटी को भेजी जाएगी। यदि कोई परिवार ग्रामसभा के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो उसे जिला स्तरीय अपीलीय कमिटी के सामने अपनी बात रखने और शिकायत दर्ज कराने का पूरा अवसर मिलेगा। यह अपीलीय कमिटी सिर्फ 15 दिनों के भीतर ऐसी सभी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निपटारा करेगी।
31 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
तमाम तरह की दावा-आपत्तियों, जांच और जरूरी संशोधनों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को ‘आवास प्लस-2024’ की अंतिम प्राथमिकता सूची का आधिकारिक तौर पर प्रकाशन कर दिया जाएगा। इससे पहले साल 2016 से 2021 तक SECC-2011 और उसके बाद आवास प्लस-2018 के सर्वे के आधार पर गरीबों को पक्के मकान बांटे गए थे।
दोबारा सर्वे कराने की क्यों पड़ी जरूरत
आवास प्लस-2018 की पुरानी सूची के संतृप्त हो जाने, कई योग्य परिवारों के नाम छूट जाने और लगातार नए परिवारों के गठन होने के कारण सरकार को ‘आवास प्लस-2024’ के जरिए दोबारा सर्वेक्षण करवाना पड़ा। अब इसी नए सर्वे की ग्रामसभा में पूरी पड़ताल होनी है, इसलिए जिन-जिन ग्रामीणों ने इसके लिए आवेदन किया है, उनके लिए पंचायत में होने वाली ग्रामसभा की बैठक बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। आवास सर्वे में शामिल 4.5 लाख से अधिक परिवारों को आवास योजना का लाभ देने के लिए पंचायत स्तर पर ग्रामसभा कर सूची अनुमोदित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अनुमोदित सूची सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाएगी, जिस पर लोग 15 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति जता सकेंगे और अंत में 31 अक्टूबर को फाइनल सूची प्रकाशित की जाएगी।