योगी और टाटा की 'जुगलबंदी': लखनऊ में बनेगी 20 लाख नई गाड़ियां, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए आज का दिन औद्योगिक इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। चिनहट स्थित देवा रोड पर स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट में बुधवार को 10 लाखवें वाहन का भव्य रोल-आउट हुआ। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मौजूद रहकर 10 लाखवीं गाड़ी—एक शानदार इलेक्ट्रिक बस—को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सिर्फ झंडी ही नहीं दिखाई, बल्कि सीएम योगी ने उस ई-बस में सवारी भी की और उसकी आधुनिक सुविधाओं का जायजा लिया।

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अगले 5 साल में 20 लाख गाड़ियों का लक्ष्य

इस समारोह में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की मौजूदगी ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। चंद्रशेखरन ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा, “आज हम 10 लाखवें वाहन के साक्षी बने हैं, जो हमारे सप्लायर, पार्टनर और कम्युनिटी के मजबूत इको-सिस्टम का नतीजा है। हमारा सफर यहीं नहीं रुकेगा; अगले 5 सालों में हम लखनऊ प्लांट से 20 लाख और गाड़ियां बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।”

ग्रीन मोबिलिटी और नेट-जीरो का सपना

प्लांट से बाहर निकली 10 लाखवीं गाड़ी एक ‘जीरो-एमिशन’ इलेक्ट्रिक बस है। यह बस न केवल टाटा मोटर्स की 2045 तक नेट-जीरो बनने की प्रतिबद्धता को दिखाती है, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों का भी प्रमाण है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी के साथ प्लांट का दौरा करते हुए सीएम योगी ने टाटा की इस तकनीक की जमकर सराहना की।

8 हजार लोगों को रोजगार और 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी

उत्तर प्रदेश को ‘एक ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने के मुख्यमंत्री के मिशन में टाटा मोटर्स का यह प्लांट एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा है।

1992 में स्थापित यह प्लांट आज 8 हजार से अधिक लोगों को सीधे रोजगार दे रहा है। इतना ही नहीं, ‘कौशल्या’, ‘लक्ष्य’ और ‘सक्षम’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए युवाओं का कौशल विकास भी किया जा रहा है। यह प्लांट पर्यावरण के लिहाज से भी मिसाल है, क्योंकि यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से चलता है और ‘वॉटर पॉजिटिव’ है।

इस उपलब्धि ने न केवल प्रदेश के औद्योगिक आत्मविश्वास को बढ़ाया है, बल्कि दुनियाभर के निवेशकों को यह संदेश भी दिया है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाओं वाला प्रदेश बन चुका है।