एलपीजी गैस सिलेंडर पर सरकार का बड़ा एक्शन! 1 अक्टूबर से लागू नियमों से करोड़ों लोग प्रभावित
एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए 1 अक्टूबर से जुड़े कुछ अहम बदलाव सामने आए हैं। इनमें सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी और सब्सिडी से जुड़े नियम शामिल हैं। अगर आपके घर में भी घरेलू गैस सिलेंडर आता है, तो इन बदलावों की जानकारी रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि क्या हैं ये नए नियम जो आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाले हैं।
सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्यएलपीजी की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत, आयात लागत और टैक्स समेत कई कारकों को ध्यान में रखकर तेल कंपनियां नई दरें तय करती हैं।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली रिफिल बुक करने के अंतराल को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखा गया है। इससे एक ग्राहक द्वारा कम समय में बार-बार सिलेंडर बुक कराने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और कालाबाजारी पर लगाम कसेगी।
PNG कनेक्शन वालों पर प्रशासन की सख्तीजिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी इस्तेमाल करने वाले कुछ उपभोक्ताओं को लेकर भी सख्ती की जा रही है।
गैस सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए OTP आधारित वेरिफिकेशन की व्यवस्था भी बेहद महत्वपूर्ण है। सिलेंडर बुक करने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जा सकता है, जिसे डिलीवरी के समय बताना होता है। इससे गलत व्यक्ति को सिलेंडर देने और फर्जी बुकिंग जैसी गड़बड़ियों पर पूरी तरह नियंत्रण लगाने में मदद मिलती है।
एलपीजी से जुड़े नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं। इसलिए ग्राहक अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप या डिस्ट्रीब्यूटर से अपने कनेक्शन पर लागू नियम और बुकिंग की स्थिति जरूर जांच लें। खासकर सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों को आधार ऑथेंटिकेशन पूरा होने की पुष्टि कर लेनी चाहिए, ताकि आपको बिना किसी रुकावट के गैस पर मिलने वाली छूट का फायदा मिलता रहे।