किसानों की मौज या आफत? भारी बारिश के बीच सरकार ने दिया बड़ा निर्देश
इन दिनों जिले में तेज हवाओं के साथ लगातार हो रही चक्रवाती बारिश की वजह से किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की तगड़ी आशंका बनी हुई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रजिस्टर्ड और बीमित किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और जरूरी सूचना जारी की है। विभाग ने अन्नदाताओं से अपील की है कि अगर उनकी अधिसूचित और बीमित फसल को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचता है, तो वे इसकी जानकारी बिना किसी देरी के तुरंत दर्ज कराएं, ताकि अधिकारियों द्वारा सर्वे कराने के बाद नियमानुसार फसल बीमा की पूरी क्षतिपूर्ति का लाभ किसानों को समय पर मिल सके।
फसल नुकसान की सूचना कहां और कैसे दर्ज कराएंकृषि विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, किसान भाई अपनी फसल में हुए नुकसान की शिकायत सीधे सरकार द्वारा जारी किए गए टोल फ्री नंबर 14447 पर फोन करके दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा यदि किसान चाहें तो वे अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाकर, सीधे बीमा कंपनी के दफ्तर में या फिर जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में भी लिखित रूप से अपनी सूचना दर्ज करा सकते हैं। विभाग का साफ कहना है कि जितनी जल्दी सूचना दी जाएगी, सर्वे की प्रक्रिया उतनी ही तेजी से पूरी की जाएगी।
कृषि विभाग ने जारी किए ब्लॉकवार अधिकारियों के नंबरजैसे ही किसानों की तरफ से समय पर नुकसान की सूचना विभाग को मिलती है, वैसे ही कृषि विभाग और संबंधित बीमा कंपनी की टीम मिलकर बीमित फसल के नुकसान का मौके पर जाकर सर्वे करती है। किसानों की सुविधा के लिए कृषि विभाग ने विकासखंड यानी ब्लॉकवार अपने जिम्मेदार कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिए हैं, ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े:
- असमोली: सौरभ सिरोही (9808919005)
- पंवासा: रवेन्द्र कुमार (9719296336)
- संभल: मनीष कुमार (8851719718)
- बहजोई: एहतेशाम उल हक (8630943534)
- बनियाखेड़ा: बाबू सिंह (9411844937)
- गुन्नौर: हितेश कुमार (7906044382)
- जुनावई: मुकेश कुमार सिंह (9728783526)
- रजपुरा: कृष्णपाल सिंह (8218448409)
इन सभी अधिकारियों के अलावा किसान भाई सीधे बीमा कंपनी के तहसील स्तर पर तैनात समन्वयकों से भी संपर्क साध सकते हैं। आपको बता दें कि इस पूरे जनपद में ‘इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड’ को इस योजना को लागू करने वाली मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। कृषि विभाग ने सभी किसानों से यह हाथ जोड़कर अपील की है कि वे अपनी फसल बर्बादी की सूचना देने मेंरा ज़रा भी विलंब न करें और तय समय सीमा के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।