त्योहारों पर मोदी सरकार का बड़ा तोहफा? जानिए किस-किस विभाग की जेब में आएगा ज्यादा पैसा
त्योहारों के सीजन की शुरुआत से ठीक पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी लाने वाली एक बड़ी खबर आई है। नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की स्टाफ साइड ने सरकार के सामने बोनस कैलकुलेशन की सीमा (Bonus Calculation Ceiling) को 7,000 रुपये से सीधे 3 गुना बढ़ाकर 21,000 रुपये करने की पुरजोर मांग उठाई है। अगर केंद्र सरकार दशहरा से पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है, तो रेलवे, पोस्टल और डिफेंस जैसे विभागों में कार्यरत नॉन-गजटेड कर्मचारियों के बोनस में बंपर बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
क्या है बोनस सीलिंग बढ़ाने का पूरा मामला?दशहरा और दिवाली का समय नजदीक आते ही केंद्र सरकार हर साल अपने पात्र कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) और एड-हॉक यानी नॉन-पीएलबी (Non-PLB) बोनस जारी करने का आदेश जारी करती है। इसी कड़ी में 27 अगस्त 2026 को NC-JCM (स्टाफ साइड) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को एक औपचारिक पत्र लिखा है। इस पत्र में आग्रह किया गया है कि इस साल कर्मचारियों के बोनस का भुगतान 7,000 रुपये की पुरानी सीमा के बजाय 21,000 रुपये प्रति माह की संशोधित गणना सीमा के आधार पर किया जाए।
आखिर क्यों उठी 21,000 रुपये सीलिंग की मांग?इस मांग के पीछे श्रम नियमों और न्यूनतम वेतन में हुए बदलावों का तर्क दिया गया है:
- 11 मई 2026 की NC-JCM बैठक: नेशनल काउंसिल की 49वीं बैठक में जब कर्मचारी पक्ष ने बोनस सीमा बढ़ाने का मुद्दा उठाया था, तब आधिकारिक पक्ष ने कहा था कि इस पर विचार तभी संभव है जब सरकार Code on Wages, 2019 या Payment of Bonus Act, 1965 के तहत न्यूनतम मजदूरी सीमा में संशोधन करे।
- 25 अगस्त 2026 का गजट नोटिफिकेशन: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labour and Employment) ने 25 अगस्त को एक अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी की पात्रता सीमा 7,000 रुपये से अधिक है, तो बोनस की गणना 7,000 रुपये या केंद्र सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (जो भी अधिक हो) के आधार पर की जाएगी। यह नियम 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माना गया है।
- संशोधित न्यूनतम वेतन: वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी का ढांचा 20,358 रुपये से लेकर 26,910 रुपये प्रति माह तक है। उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे कई राज्यों ने भी न्यूनतम वेतन 21,000 रुपये तय किया हुआ है। इसी आधार पर NC-JCM का कहना है कि नई बोनस सीलिंग 21,000 रुपये निर्धारित करना पूरी तरह तर्कसंगत है।
केंद्र सरकार के लेवल-1 से लेवल-8 के लगभग 30 लाख से अधिक गैर-राजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों को इस संशोधन से सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा।