दिल्ली में कदम रखते ही पुतिन ने मचाया तहलका, क्यों बेचैन हुए डोनाल्ड ट्रंप?
आज पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील है क्योंकि ब्रिक्स (BRICS) समिट के लिए भव्य मंच सज चुका है और पूरी दुनिया की नजरें भारत में आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक सम्मेलन पर टिकी हैं। इसी बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत की धरती पर कदम रख चुके हैं।
जिस दौरान पुतिन दिल्ली पहुंचे, उनका कड़ा और अभेद्य सुरक्षा घेरा देखकर पूरी दुनिया दंग रह गई।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम द्विपक्षीय मुलाकात होने वाली है। इस समिट और द्विपक्षीय बातचीत में ऊर्जा, रक्षा सहयोग से लेकर व्यापार, निवेश और जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद किसी ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पुतिन की यह पहली विदेश यात्रा है। यानी युद्ध के इस दौर में पुतिन पहली बार भारतीय दौरे पर आए हैं।
यह दौरा 31 अगस्त को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हो रहा है। किर्गिस्तान के बिश्केक में हुई उस बैठक में दोनों नेताओं ने राजनीतिक संबंधों, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की थी, साथ ही पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में जारी संघर्षों पर भी गंभीर चर्चा की थी।
18वें BRICS Summit में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनपुतिन का यह दौरा रणनीतिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।
रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पहले ही यह जानकारी दी थी कि दोनों देश रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भारत को अत्याधुनिक ‘सुखोई एसयू-57’ (Su-57) स्टील्थ फाइटर जेट बेचने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। मॉस्को से एक वर्चुअल ब्रीफिंग के दौरान पेसकोव ने स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी के बीच तय द्विपक्षीय बैठक में सबसे पहले द्विपक्षीय एजेंडे, व्यापार और आर्थिक सहयोग के विशाल दायरे पर बात होगी।