प्याज के बढ़ते दामों पर सरकार का बड़ा एक्शन! जानिए कब तक आम आदमी को मिलेगी राहत

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महंगे प्याज से परेशान आम लोगों को आने वाले हफ्तों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जग गई है। खरीफ की नई फसल की बाजार में आवक बढ़ने और पुराने स्टॉक की उपलब्धता से देश भर में प्याज की सप्लाई बेहतर होने की पूरी संभावना है। हालांकि, केंद्र सरकार ने कीमतों पर लगाम कसने के लिए अपने बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री का दायरा काफी बढ़ा दिया है, लेकिन इसके बावजूद फिलहाल खुदरा बाजार में प्याज के दाम पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुने बने हुए हैं।

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थोक और खुदरा बाजार में क्या है हाल?

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 52.99 रुपये प्रति किलो के आसपास चल रही है, जबकि ठीक एक साल पहले इसी अवधि में यह कीमत 26.65 रुपये प्रति किलो थी। सालाना आधार पर देखा जाए तो प्याज के औसत खुदरा दाम में करीब 99 प्रतिशत यानी लगभग दोगुने की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 10 सितंबर को प्याज की औसत खुदरा कीमत 53.10 रुपये प्रति किलो थी, जो 10 अक्टूबर को हल्की घटकर 52.99 रुपये प्रति किलो पर आ गई है।

इससे यह साफ होता है कि थोक बाजार में सप्लाई सुधरने के शुरुआती संकेत मिलने लगे हैं, हालांकि इसका सीधा फायदा अभी आम उपभोक्ताओं तक सीमित रूप में ही पहुंच पाया है। थोक बाजार में प्याज की औसत कीमत 4,591 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है, जो एक महीने पहले से 2.4 प्रतिशत और एक साल पहले के मुकाबले 123.3 प्रतिशत ज्यादा है।

महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों से बढ़ेगी सप्लाई

आने वाले दिनों में प्याज की कीमतों में राहत मिलने की सबसे बड़ी वजह महाराष्ट्र और अन्य उत्पादक राज्यों से नई फसल की आवक का बढ़ना है।

कारोबारियों का मानना है कि नवंबर तक बाजार में प्याज की उपलब्धता और ज्यादा बेहतर हो जाएगी। कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से सप्लाई नवंबर के अंत तक लगातार जारी रहने की उम्मीद है। वहीं, महाराष्ट्र की शुरुआती खरीफ फसल की आवक अक्टूबर के अंत तक थोड़ी मात्रा में शुरू हो सकती है, जिसके बाद बाजार में उपलब्धता को बड़ा सहारा मिलेगा।

इसके अलावा, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में पुराने प्याज का पर्याप्त स्टॉक होने की बात भी सामने आई है, जिससे नवंबर के तीसरे हफ्ते तक मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

साथ ही, राजस्थान के अलवर क्षेत्र से प्याज की सप्लाई बढ़ने पर उत्तर भारत की महाराष्ट्र पर निर्भरता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

सरकार ने 123 शहरों में बढ़ाई बिक्री

प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री का दायरा बढ़ाकर अब देश के 123 शहरों तक कर दिया है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, इस साल खरीफ प्याज का रकबा पिछले साल की तुलना में करीब 5 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान जताया गया है। सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज को बाजार में सही समय पर उतारने के लिए अपनी परिवहन और वितरण व्यवस्था को भी काफी मजबूत कर लिया है।

इसका मुख्य उद्देश्य आगामी त्योहारी सीजन के दौरान मांग बढ़ने पर बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना और कीमतों में होने वाले बेकाबू उछाल को रोकना है। हालांकि, सरकारी स्टॉक से प्याज मिलने के बावजूद खुदरा कीमतों में अब तक कोई बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई है, क्योंकि थोक बाजार में बदलाव का असर खुदरा दुकानों तक पहुंचने में थोड़ा समय लगता है।