त्योहारी सीजन में बड़ी राहत! पनीर की गुणवत्ता को लेकर FSSAI ने उठाया इतिहास का सबसे सख्त कदम
त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश के करोड़ों खाने-पीने के शौकीनों और आम नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। अक्सर त्योहारों के समय मिलावटी और नकली पनीर बाजार में धड़ल्ले से बिकने लगता है, जिससे सेहत को भारी नुकसान पहुंचता है। इस गंभीर समस्या पर लगाम कसने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बहुत बड़ा और सख्त कदम उठाया है, जिससे मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
FSSAI की ओर से जारी नए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब बाजार में धड़ल्ले से बिकने वाले ‘एनालॉग पनीर’ के निर्माण और उसकी खुली बिक्री पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। नए नियमों के तहत, वनस्पति तेल, स्टार्च या अन्य किसी भी गैर-डेयरी सामग्री से तैयार किए जाने वाले ऐसे नकली उत्पादों को असली ‘पनीर’ के नाम पर बेचने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी। यदि कोई दुकानदार या कंपनी ऐसे उत्पादों को असली डेयरी पनीर बताकर ग्राहकों को बेचेगी, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया जाएगा।
त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में दूध, पनीर, घी और खोए जैसी चीजों की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसका फायदा अक्सर मिलावटखोर उठाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए FSSAI ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता की कड़ी जांच करें और मिलावट के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई को अंजाम दें।
आपको बता दें कि यह प्रस्ताव अभी फाइनल कानून नहीं बना है, बल्कि FSSAI ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से उनके सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इसके लिए पूरे 60 दिनों की सार्वजनिक परामर्श अवधि (पब्लिक कंसल्टेशन पीरियड) रखी गई है। इन 60 दिनों के भीतर मिलने वाले सभी सुझावों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद इन नए नियमों को पूरी तरह से अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।