ITR Filing 2025: 15 जून से पहले ITR भरना पड़ सकता है भारी, जानिए वजह
टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम खबर सामने आई है। आने वाले दो महीने यानी जून और जुलाई इनकम टैक्स भरने वालों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। वहीं, मई का महीना भी लोगों के लिए एक बड़ा सबक साबित हो सकता है। इसकी वजह यह है कि कई लोग मानते हैं कि जल्दी ITR फाइल करने से जल्दी रिफंड मिल जाता है, लेकिन हकीकत इससे थोड़ी अलग है। कई मामलों में जल्दबाजी परेशानी का कारण भी बन सकती है।
ऐसे में अगर कोई व्यक्ति मई में ही ITR फाइल कर देता है, तो उसके पास आधिकारिक Form 16 नहीं होता। उस समय लोग पुराने अनुमान या सैलरी स्लिप के आधार पर रिटर्न भरते हैं। बाद में अगर Form 16 में दी गई जानकारी और ITR में अंतर निकलता है, तो रिफंड अटक सकता है और टैक्स विभाग से नोटिस भी आ सकता है।
कैपिटल लॉस को अधिकतम आठ असेसमेंट ईयर तक आगे ले जाया जा सकता है, लेकिन यह सुविधा तभी मिलती है जब रिटर्न तय समय सीमा के भीतर फाइल किया गया हो।
Section 80 के तहत अगर तय समय तक रिटर्न फाइल नहीं किया जाता, तो नुकसान को भविष्य में सेट-ऑफ करने की सुविधा नहीं मिलती। इसलिए सही फॉर्म चुनना और समय पर ITR फाइल करना टैक्स प्लानिंग के लिहाज से बेहद जरूरी माना जाता है।
15 जून से पहले ITR फाइल करना क्यों पड़ सकता है भारी?
अगर आप 15 जून से पहले अपना Income Tax Return यानी ITR फाइल करते हैं, तो इससे कई तरह की दिक्कतें सामने आ सकती हैं। केवल रिफंड में देरी ही नहीं, बल्कि Income Tax Department की तरफ से नोटिस आने की संभावना भी बढ़ सकती है। इसलिए एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि टैक्स रिटर्न फाइल करने में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।Form 16 का इंतजार करना क्यों जरूरी है?
अगर आप नौकरी करते हैं, तो आपको Form 16 की अहमियत जरूर पता होगी। यह दस्तावेज आपकी सालभर की सैलरी और कटे हुए टैक्स की पूरी जानकारी देता है। देशभर की कंपनियों को वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही का TDS रिटर्न 31 मई तक सरकार को जमा करना होता है। इसके बाद ही कंपनियां अपने कर्मचारियों को 15 जून तक Form 16 जारी करती हैं।ऐसे में अगर कोई व्यक्ति मई में ही ITR फाइल कर देता है, तो उसके पास आधिकारिक Form 16 नहीं होता। उस समय लोग पुराने अनुमान या सैलरी स्लिप के आधार पर रिटर्न भरते हैं। बाद में अगर Form 16 में दी गई जानकारी और ITR में अंतर निकलता है, तो रिफंड अटक सकता है और टैक्स विभाग से नोटिस भी आ सकता है।
AIS अपडेट न होने से भी बढ़ सकती है परेशानी
इनकम टैक्स विभाग का AIS यानी Annual Information Statement भी जून के पहले या दूसरे हफ्ते तक पूरी तरह अपडेट नहीं होता। अगर आपने मई में ITR फाइल कर दिया और बाद में AIS में ऐसी इनकम दिखाई देती है जो आपके रिटर्न में शामिल नहीं थी, तो Income Tax Department आपके घर नोटिस भेज सकता है।Revised Return भी बढ़ा सकता है दिक्कत
कई लोगों को लगता है कि अभी ITR फाइल कर देते हैं और बाद में गलती होने पर Revised Return जमा कर देंगे। सुनने में यह आसान लगता है, लेकिन ऐसा करने से आपका मामला टैक्स विभाग की नजर में आ सकता है। इसके अलावा Revised Return भरवाने के लिए CA की अतिरिक्त फीस भी देनी पड़ सकती है।ITR फाइल करने का सही समय क्या है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार ITR Filing का सबसे सही समय जून का महीना माना जाता है। 1 जून से 15 जून के बीच सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठा कर लेने चाहिए और 15 जून तक कंपनी से Form 16 मिलने के बाद ही ITR फाइल करना बेहतर रहता है। इससे गलतियों की संभावना काफी कम हो जाती है।समय पर ITR फाइल करना क्यों जरूरी है?
FY25 यानी AY 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 तय की गई है। समय पर ITR फाइल करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे टैक्सपेयर्स को Loss Carry Forward का फायदा मिलता है।कैपिटल लॉस को अधिकतम आठ असेसमेंट ईयर तक आगे ले जाया जा सकता है, लेकिन यह सुविधा तभी मिलती है जब रिटर्न तय समय सीमा के भीतर फाइल किया गया हो।
Section 80 के तहत अगर तय समय तक रिटर्न फाइल नहीं किया जाता, तो नुकसान को भविष्य में सेट-ऑफ करने की सुविधा नहीं मिलती। इसलिए सही फॉर्म चुनना और समय पर ITR फाइल करना टैक्स प्लानिंग के लिहाज से बेहद जरूरी माना जाता है।
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