Farm Fencing Scheme: आवारा पशुओं से फसल बचाने के लिए सरकार दे रही ₹40,000 तक की मदद, ऐसे करें आवेदन

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Kantedar Tarbandi Yojana राजस्थान के किसानों के लिए एक बहुत अच्छी पहल है। Rajasthan Farmer Scheme के रूप में खेत की सुरक्षा के लिए Barbed Wire Fencing Subsidy दी जा रही है। राज्य के कृषि विभाग ने 21 जुलाई 2017 को खेतों में तार लगाने की योजना शुरू की थी। इसका मुख्य काम फसलों को छुट्टा जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाना है। बहुत सारे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है क्योंकि जानवर खेतों में घुस जाते हैं। खास तौर पर उन किसानों को परेशानी होती है जिनके पास अपनी जमीन को सुरक्षित करने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते हैं। इसी परेशानी से निपटने के लिए ये योजना शुरू की गई थी। ये किसानों को खेतों के चारों ओर बाड़ बनाने के लिए पैसे की मदद देती है। इस पहल से कांटेदार तार लगाकर फसलों को अच्छी तरह से बचाने में पूरी मदद मिलती है।

योजना से मिलने वाली आर्थिक मदद

सरकार इस योजना के तहत खेत की सुरक्षा के लिए कुल लागत का 50 प्रतिशत पैसा दे रही है। या फिर ज्यादा से ज्यादा 40,000 रुपये की सब्सिडी मिल रही है। ये मदद 400 रनिंग मीटर तक की कांटेदार बाड़ लगाने के लिए मिलती है। इसका सीधा मतलब ये है कि खेत में तार लगाने का आधा खर्च सरकार उठाएगी और आधा खर्च किसान को खुद देना होगा। इससे गरीब किसानों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो पैसों की कमी के कारण खेत सुरक्षित नहीं कर पाते थे। छुट्टा जानवरों से कीमती फसल को बचाने के लिए ये एक बहुत ही कारगर तरीका है।

योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी जमीन

इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी शर्तें रखी हैं। अकेले किसान या किसानों के समूह के पास एक ही जगह पर कम से कम 1.5 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। अगर किसान अनुसूचित जनजाति (एसटी) इलाके से आते हैं तो उनके लिए नियम थोड़े अलग हैं। उनके पास एक ही जगह पर कम से कम 0.5 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। इसके अलावा अगर कोई समुदाय एक साथ मिलकर आवेदन करना चाहता है तो वे 10 या उससे अधिक किसानों का एक बड़ा समूह बना सकते हैं। इस बड़े समूह के पास कुल मिलाकर 5 हेक्टेयर से अधिक जमीन होनी चाहिए। तभी वे सब मिलकर इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी कागजात

इस योजना के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ बेहद जरूरी कागजात अपने साथ रखने होंगे। सबसे पहले किसान के पास अपना आधार कार्ड होना चाहिए। आधार कार्ड के साथ ही जन आधार कार्ड होना भी बहुत जरूरी है। किसान को अपनी जमीन के मालिकाना हक का सबूत देने के लिए जमीन की जमाबंदी की कॉपी भी देनी होगी। यहां ध्यान रहे कि ये जमाबंदी की कॉपी छह महीने से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक में भेजने के लिए बैंक खाते की जानकारी देनी होगी। इसके लिए बैंक पासबुक की कॉपी लगानी होगी। इन सब जरूरी कागजातों के साथ ही किसान अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।

आवेदन करने का तरीका

राजस्थान सरकार की इस योजना का फायदा उठाने के लिए किसान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए राजकिसान पोर्टल पर जाना होगा या पास के ई-मित्र केंद्र पर जाना होगा। वहां ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा और सारे जरूरी कागजात अपलोड करने होंगे। जब आवेदन पूरी तरह से जमा हो जाएगा तो किसान को एक ऑनलाइन रसीद मिलेगी।

ऑनलाइन आवेदन के शुरुआती कदम

आवेदन करने के कुछ बहुत ही आसान कदम हैं। सबसे पहले आवेदन करने वाले को आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। इसके बाद जब पोर्टल पर लॉग इन कर लेंगे तो सामने एक डैशबोर्ड दिखाई देगा। वहां "राज-किसान" लिखे हुए ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद "किसान" वाले हिस्से में जाना है और वहां "एप्लीकेशन एंट्री रिक्वेस्ट" को चुनना है।

फॉर्म भरने की प्रक्रिया

अब किसान को अपना "भामाशाह आईडी" या "जनआधार आईडी" डालना होगा और सर्च बटन दबाना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर नाम आएगा और उसमें से सही नाम और योजना का नाम चुनना है। फिर आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा और डिटेल्स प्राप्त करने वाले बटन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद कुछ जरूरी जानकारी भरनी होगी। जैसे कि पेंशनर की जानकारी, बैंक खाते की जानकारी, अगर कोई विकलांगता है तो उसकी जानकारी और जांच से जुड़ी जानकारी। अंत में सारे कागजात अपलोड करने होंगे। सब कुछ सही-सही भरने के बाद फॉर्म को जमा कर देना है।
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