देश में इस समय एलपीजी गैस की कमी चल रही है। इस परेशानी के बीच ठग नए तरीके निकाल रहे हैं और लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसी बीच कोलकाता की एक महिला ने इंटरनेट पर एक पोस्ट लिखकर सबको ऐसे ही एक धोखे से सावधान किया है। उस महिला ने अपनी पोस्ट में बताया कि उसकी मां को दो अलग-अलग फोन नंबरों से कॉल आए थे। फोन करने वालों ने झूठ कहा कि वे जल्दी से एलपीजी गैस दिलाने में उनकी मदद कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने बातचीत के दौरान उस महिला की मां से वीडियो कॉल पर ही अपना बैंक खाता खोलने के लिए कहा।
समझदारी से बचा पैसा
राहत की बात ये रही कि महिला की मां को इस बात पर तुरंत शक हो गया। उन्हें लगा कि कुछ गड़बड़ है और ये कोई धोखा हो सकता है। इसलिए उन्होंने अपनी कोई भी बैंक की जानकारी उन फोन करने वालों को नहीं दी। सबसे अच्छी बात ये रही कि उन्होंने ना तो किसी को अपने खाते से पैसे भेजे और ना ही कैमरे के सामने अपना बैंक पिन टाइप किया। उनकी इस समझदारी के कारण उनके पैसे बच गए और वो एक बड़े धोखे का शिकार होने से बाल-बाल बच गईं।
पुलिस से की गई शिकायत
कोलकाता की इस महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से लिखा। उसने अपनी पोस्ट में बताया कि कैसे इन नंबरों से उसकी मां को कॉल आया था और जल्दी गैस दिलाने के नाम पर उन्हें ठगने की कोशिश की गई। उसने बताया कि ठगों ने उसकी मां से वीडियो कॉल पर बैंक खाता खोलने को कहा था। उसने लिखा कि शुक्र है उसकी मां ने पैसे नहीं भेजे और अपना पिन भी कैमरे पर नहीं दिखाया। इसके साथ ही महिला ने अपनी पोस्ट में बिधाननगर पुलिस के आधिकारिक खाते को भी टैग किया और उनसे इस मामले की जांच करने के लिए कहा। उसने अपनी पोस्ट के साथ वो फोन नंबर भी साझा किए जिनसे उसकी मां को कॉल आया था ताकि दूसरे लोग सावधान रहें।
क्यों हो रही है गैस की कमी
ये ठगी की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे देश में एलपीजी गैस की कमी देखी जा रही है। खाड़ी देशों से भारत की तरफ आ रहे कई बड़े गैस टैंकर इस समय होर्मुज स्ट्रेट के पास रास्ते में फंसे हुए हैं। ये एक बहुत ही जरूरी समुद्री रास्ता है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इस रास्ते पर रुकावट का मुख्य कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता हुआ आपसी तनाव है।
जहाजों पर हमले का असर
ईरान ने इस इलाके से गुजरने वाले टैंकरों और जहाजों पर अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं। इन हमलों के डर से कई कंपनियों ने बचाव के लिए अपने जहाजों की रफ्तार को धीमा कर दिया है या फिर उनकी यात्रा को पूरी तरह से रोक दिया है। हालांकि कुछ जहाजों को अभी भी आगे जाने की इजाजत मिल रही है, लेकिन उनकी संख्या बहुत ही कम है। सामने आई कुछ रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी इस समय होर्मुज स्ट्रेट के पास फंसी हुई है। ये दिखाता है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं। भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा नेचुरल गैस बाहर के देशों से मंगवाता है, इसलिए आपूर्ति में होने वाली किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर देश के लोगों पर पड़ता है।
गैस सिलेंडर के बढ़ गए दाम
गैस की आपूर्ति में आ रही इस दिक्कत के साथ-साथ अब लोगों को महंगाई की मार भी झेलनी पड़ रही है। घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 60 रुपये तक बढ़ गई है। इसके अलावा 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर, जिनका इस्तेमाल ज्यादातर ढाबों और खाने-पीने का सामान बनाने वाले छोटे काम में होता है, वो भी अब महंगे हो गए हैं। इस महीने इनकी कीमतों में 115 रुपये से लेकर 144 रुपये तक की बड़ी बढ़ोतरी हुई है।
योजना के तहत मिल रही राहत
कीमतें बढ़ने के बाद भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले परिवारों के लिए थोड़ी राहत की बात है। जो भी लोग इस योजना के हकदार हैं, उन्हें सरकार की तरफ से अभी भी हर सिलेंडर पर 300 रुपये की छूट मिल रही है। ये छूट का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आ जाता है जिससे उन्हें महंगी गैस खरीदने में थोड़ी मदद मिल जाती है।