लाड़ली बहना योजना बंद होगी या जारी रहेगी? CM मोहन यादव के बयान से बढ़ी चिंता
मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए एक अहम खबर सामने आई है। योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रही लाभार्थी महिलाओं के बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके बयान के बाद कई लाभार्थियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार भविष्य में लाड़ली बहना योजना को बंद करने की तैयारी कर रही है।
हालांकि, सरकार की ओर से योजना को बंद करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में केवल मुख्यमंत्री के बयान के आधार पर योजना के बंद होने की बात कहना जल्दबाजी होगी।
इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अपनी प्यारी बहन को संभालना भी अब काफी महंगा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें इस तरह के आर्थिक बोझ का अंदाजा नहीं था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि पहले 1,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1,500 रुपये किया गया है। उन्होंने बिन्नू रानी से यह भी कहा कि फिलहाल उनकी उम्र योजना के लिए पात्रता पूरी नहीं करती और उन्हें पात्र होने के लिए इंतजार करना होगा।
इसलिए लाभार्थियों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। योजना की अगली किस्त को लेकर भी आधिकारिक तारीख का ऐलान सरकार की ओर से नहीं किया गया है।
लाभार्थी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी और योजना से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं की जांच पहले ही कर लें। बैंक खाता महिला के नाम पर होना चाहिए और ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, ताकि किस्त जारी होने पर राशि खाते में पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
फिलहाल 41वीं किस्त की आधिकारिक तारीख का इंतजार है। सरकार की ओर से तारीख की पुष्टि होने के बाद ही भुगतान को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
हालांकि, सरकार की ओर से योजना को बंद करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में केवल मुख्यमंत्री के बयान के आधार पर योजना के बंद होने की बात कहना जल्दबाजी होगी।
CM मोहन यादव ने लाड़ली बहनों को लेकर क्या कहा?
दरअसल, भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बुंदेली इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मध्य प्रदेश की बेटियों यानी ‘बिन्नुओं’ के लिए उनकी योजनाओं के बारे में सवाल किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने ‘जिज्जियों’ यानी बहनों के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया।इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि अपनी प्यारी बहन को संभालना भी अब काफी महंगा हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें इस तरह के आर्थिक बोझ का अंदाजा नहीं था।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाड़ली बहनों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि पहले 1,000 रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 1,500 रुपये किया गया है। उन्होंने बिन्नू रानी से यह भी कहा कि फिलहाल उनकी उम्र योजना के लिए पात्रता पूरी नहीं करती और उन्हें पात्र होने के लिए इंतजार करना होगा।
क्या लाड़ली बहना योजना बंद होने वाली है?
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और लाभार्थियों के बीच योजना के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सरकार ने लाड़ली बहना योजना को बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।इसलिए लाभार्थियों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। योजना की अगली किस्त को लेकर भी आधिकारिक तारीख का ऐलान सरकार की ओर से नहीं किया गया है।
कब आएगी लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त?
लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अभी सरकार ने आधिकारिक भुगतान तारीख जारी नहीं की है। हालांकि, अनुमान लगाया जा रहा है कि अगली किस्त 10 से 15 अक्टूबर के बीच लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।लाभार्थी महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते की जानकारी और योजना से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाओं की जांच पहले ही कर लें। बैंक खाता महिला के नाम पर होना चाहिए और ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, ताकि किस्त जारी होने पर राशि खाते में पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
फिलहाल 41वीं किस्त की आधिकारिक तारीख का इंतजार है। सरकार की ओर से तारीख की पुष्टि होने के बाद ही भुगतान को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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