मुंबई-बेंगलुरु में LPG सिलेंडर की कमी से रेस्टोरेंट परेशान, सरकार ने दिया जवाब
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में वीकेंड पर बाहर जाकर खाना या ऑफिस के लंच ब्रेक में पास के किसी कैफे से कुछ मंगवाना हमारी जीवनशैली का हिस्सा बन चुका है। लेकिन कल्पना कीजिए कि अगर एक दिन आपको पता चले कि आपके शहर के पसंदीदा रेस्टोरेंट और ढाबे बंद हो गए हैं, तो क्या होगा? फिलहाल महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में कुछ ऐसा ही डर मंडरा रहा है। कमर्शियल यानी व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी ने खान-पान के व्यवसाय से जुड़े लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है।
आखिर क्यों पैदा हुआ यह संकट?
दरअसल, यह समस्या केवल स्थानीय नहीं है, बल्कि इसके तार वैश्विक स्तर से जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण भारत में एलपीजी के आयात पर असर पड़ा है। कच्चे तेल और गैस के उत्पादन में उतार-चढ़ाव और परिवहन संबंधी बाधाओं ने घरेलू बाजार में व्यावसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता को कम कर दिया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य, जो औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र हैं, इस संकट की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं।
रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ती चिंता
किसी भी रेस्टोरेंट की रसोई के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर उसकी लाइफलाइन की तरह होता है। कई छोटे और मध्यम स्तर के होटल मालिकों का कहना है कि उन्हें सिलेंडर की बुकिंग के बाद हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है। वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनें हैं और स्टॉक सीमित होने के कारण मांग पूरी नहीं हो पा रही है। अगर यही स्थिति कुछ दिन और बनी रही, तो कई छोटे होटलों के पास अपना काम बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
आखिर क्यों पैदा हुआ यह संकट?
दरअसल, यह समस्या केवल स्थानीय नहीं है, बल्कि इसके तार वैश्विक स्तर से जुड़े हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण भारत में एलपीजी के आयात पर असर पड़ा है। कच्चे तेल और गैस के उत्पादन में उतार-चढ़ाव और परिवहन संबंधी बाधाओं ने घरेलू बाजार में व्यावसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता को कम कर दिया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्य, जो औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र हैं, इस संकट की सबसे ज्यादा मार झेल रहे हैं। रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ती चिंता
किसी भी रेस्टोरेंट की रसोई के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर उसकी लाइफलाइन की तरह होता है। कई छोटे और मध्यम स्तर के होटल मालिकों का कहना है कि उन्हें सिलेंडर की बुकिंग के बाद हफ्तों तक इंतजार करना पड़ रहा है। वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनें हैं और स्टॉक सीमित होने के कारण मांग पूरी नहीं हो पा रही है। अगर यही स्थिति कुछ दिन और बनी रही, तो कई छोटे होटलों के पास अपना काम बंद करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।Next Story