कलेक्टर भव्या मित्तल कर रही हैं प्राइवेट स्कूल का 'प्रचार' ? अखबार में छपा उनके कोट के साथ विज्ञापन
भोपाल: मध्य प्रदेश 2014 बैच की एक भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अफसर ने ऐसा कुछ कर दिया है कि बवाल मच गया है। आमतौर पर प्रशासनिक अधिकारियों को सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करते देखा जाता है, लेकिन जब जिले का सर्वोच्च अधिकारी किसी निजी संस्थान के विज्ञापन में सेलिब्रिटी की तरह नजर आने लगे, तो विवाद होना तय है। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है, जिसने सूबे के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

खरगोन कलेक्टर से जुड़ा है पूरा मामलायह पूरा मामला खरगोन जिले की कलेक्टर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी भव्या मित्तल से जुड़ा है। दरअसल, एक निजी अखबार के खंडवा संस्करण में एक निजी पब्लिक स्कूल का आधे पेज का बड़ा विज्ञापन प्रकाशित हुआ। इस विज्ञापन में कलेक्टर भव्या मित्तल की तस्वीर के साथ एक प्रशंसा पत्र भी छपा है, जिसमें उन्होंने स्कूल के टीचर्स, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और बच्चों के मानसिक विकास की तारीफ करते हुए लिखा है कि उन्हें अपनी बच्ची के लिए इस स्कूल पर पूरा भरोसा है। नीचे उनके नाम के साथ 'कलेक्टर, खरगोन' पद का साफ उल्लेख है।
क्या लिखा है विज्ञापन में ...'नमस्कार, गोकुलदास पब्लिक स्कूल के टीचर्स बहुत ही को-ऑपरेटिव हैं और जो एक्टिविटी बेस्ट लर्निंग बच्चों को यहां करने को मिलती है, जिससे बच्चों के सोशल, इमोशनल, मेंटल डेवलेपमेंट और वेल बीइंग तो ठीक होता ही है, साथ ही उनकी पढ़ाई भी इंप्रूव होती है। मैं यह कहना चाहूँगी कि मेरी बच्ची के लिए मुझे जीपीएस पर पूरा भरोसा है।'
एक लोकसेवक कॉमर्शियल विज्ञापनविज्ञापन सामने आते ही यह सवाल तेजी से गूंजने लगा है कि क्या एक जिम्मेदार लोकसेवक इस तरह किसी कमर्शियल विज्ञापन का हिस्सा बन सकता है? कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद उन्होंने एक अभिभावक के तौर पर यह प्रतिक्रिया दी होगी, लेकिन विज्ञापन में उनके आधिकारिक पद का इस्तेमाल होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि स्कूल ने यह विज्ञापन उनकी अनुमति से जारी किया है या बिना बताए। इस संबंध में जब स्कूल प्रबंधन और जिला जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उनकी तरफ से कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं मिल पाया है। खास बात यह है कि कलेक्टर मैडम ने जिस स्कूल का विज्ञापन किया है उसकी फीस लाखों रुपए में है।
विवादों से दूर रही हैं आईएएस भव्या मित्तलगौरतलब है कि आईएएस भव्या मित्तल के पिछले कार्यकाल और कार्यों मैं भी कभी इस तरह विवाद में नहीं आई। वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा और जनहित के फैसलों के लिए जानी जाती रही हैं। पूर्व में बुरहानपुर नगर निगम कमिश्नर और जिला पंचायत सीईओ के रूप में उन्होंने जल संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बेहतरीन काम किए थे, जिसकी राज्य स्तर पर सराहना भी हुई थी। यही वजह है कि उनकी इस बेदाग छवि के बीच अचानक सामने आए इस विज्ञापन विवाद ने हर किसी को हैरान कर दिया है और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कमाल की बात यह है कि कुछ समाजसेवियों ने अखबार के इस विज्ञापन के साथ शिकायत भोपाल मैं मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी प्रेषित कर दी है।
खरगोन कलेक्टर से जुड़ा है पूरा मामलायह पूरा मामला खरगोन जिले की कलेक्टर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी भव्या मित्तल से जुड़ा है। दरअसल, एक निजी अखबार के खंडवा संस्करण में एक निजी पब्लिक स्कूल का आधे पेज का बड़ा विज्ञापन प्रकाशित हुआ। इस विज्ञापन में कलेक्टर भव्या मित्तल की तस्वीर के साथ एक प्रशंसा पत्र भी छपा है, जिसमें उन्होंने स्कूल के टीचर्स, एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग और बच्चों के मानसिक विकास की तारीफ करते हुए लिखा है कि उन्हें अपनी बच्ची के लिए इस स्कूल पर पूरा भरोसा है। नीचे उनके नाम के साथ 'कलेक्टर, खरगोन' पद का साफ उल्लेख है।
क्या लिखा है विज्ञापन में ...'नमस्कार, गोकुलदास पब्लिक स्कूल के टीचर्स बहुत ही को-ऑपरेटिव हैं और जो एक्टिविटी बेस्ट लर्निंग बच्चों को यहां करने को मिलती है, जिससे बच्चों के सोशल, इमोशनल, मेंटल डेवलेपमेंट और वेल बीइंग तो ठीक होता ही है, साथ ही उनकी पढ़ाई भी इंप्रूव होती है। मैं यह कहना चाहूँगी कि मेरी बच्ची के लिए मुझे जीपीएस पर पूरा भरोसा है।'
एक लोकसेवक कॉमर्शियल विज्ञापनविज्ञापन सामने आते ही यह सवाल तेजी से गूंजने लगा है कि क्या एक जिम्मेदार लोकसेवक इस तरह किसी कमर्शियल विज्ञापन का हिस्सा बन सकता है? कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद उन्होंने एक अभिभावक के तौर पर यह प्रतिक्रिया दी होगी, लेकिन विज्ञापन में उनके आधिकारिक पद का इस्तेमाल होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि स्कूल ने यह विज्ञापन उनकी अनुमति से जारी किया है या बिना बताए। इस संबंध में जब स्कूल प्रबंधन और जिला जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया गया, तो उनकी तरफ से कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं मिल पाया है। खास बात यह है कि कलेक्टर मैडम ने जिस स्कूल का विज्ञापन किया है उसकी फीस लाखों रुपए में है।
विवादों से दूर रही हैं आईएएस भव्या मित्तलगौरतलब है कि आईएएस भव्या मित्तल
Next Story